छोटे उद्योगों के बजट में कटौती से एमएसएमई सेक्टर को झटका केंद्रीय बजट 2026-27 में वस्त्र मंत्रालय के लिए आवंटित राशि ने देश की टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मोदी सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के लिए वस्त्र मंत्रालय को 5,279.01 करोड़ रुपए का बजट दिया है, जो पिछले साल […]
केंद्रीय बजट 2026-27 में वस्त्र मंत्रालय के लिए आवंटित राशि ने देश की टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मोदी सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के लिए वस्त्र मंत्रालय को 5,279.01 करोड़ रुपए का बजट दिया है, जो पिछले साल के बजट अनुमान 5,272 करोड़ के मुकाबले ऊंट के मुंह में जीरा समान है। भीलवाड़ा के कपड़ा उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी चिंता विलेज एंड स्मॉल इंडस्ट्रीज के बजट में की गई कटौती है।
बजट आंकड़ों में क्षेत्रीय असमानता साफ दिख रही है। एक तरफ जहां मुख्य टेक्सटाइल हब भीलवाड़ा, सूरत, तिरुपुर के लिए बजट स्थिर है, वहीं नार्थ ईस्टर्न एरिया के लिए बजट 124.89 करोड़ से बढ़ाकर 145.89 करोड़ कर दिया गया है। इसमें 16.81 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई है। भीलवाड़ा के उद्यमियों का कहना है कि सरकार का फोकस अब पारंपरिक कपड़ा केंद्रों के बजाय नए क्षेत्रों पर शिफ्ट हो रहा है।
बजट डायरी: उम्मीदें वर्सेज हकीकत