– राशि नहीं चुकाने पर शत-प्रतिशत पेनल्टी के साथ होगी वसूली भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण उपकर (सेस) नहीं चुकाने वाले भवन मालिकों और नियोजकों पर श्रम विभाग ने शिकंजा कस दिया है। विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए 28 जनों के खिलाफ एक तरफा कार्रवाई कर वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। […]
- राशि नहीं चुकाने पर शत-प्रतिशत पेनल्टी के साथ होगी वसूली
भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण उपकर (सेस) नहीं चुकाने वाले भवन मालिकों और नियोजकों पर श्रम विभाग ने शिकंजा कस दिया है। विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए 28 जनों के खिलाफ एक तरफा कार्रवाई कर वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन नियोजकों को राशि जमा कराने के लिए 7 दिन का नोटिस दिया गया है। उपश्रम आयुक्त शिवदयाल सोलंकी ने बताया कि यदि तय समय में राशि जमा नहीं कराई गई, तो मामले को वसूली के लिए जिला कलक्टर को भेजा जाएगा, जहां मूल राशि के साथ 100 प्रतिशत पेनल्टी और ब्याज भी वसूला जाएगा।
विभाग ने एक ही दिन में 60 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 500 से अधिक निर्माण स्थलों आवासीय व व्यावसायिक भवन मालिको को नोटिस दिए जा चुके हैं। फिलहाल वसूली के लिए 40 अन्य प्रकरण भी विचाराधीन हैं।
सोलंकी ने बताया कि नियम 27 जुलाई 2009 के बाद बने सरकारी, वाणिज्यिक और निजी भवनों पर निर्माण लागत का 1 प्रतिशत उपकर देय है। केवल उन निजी आवासीय भवनों को छूट है जिनकी निर्माण लागत 10 लाख रुपए से कम है। व्यावसायिक भवन निर्माण पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं है। नगर निगम या यूआईटी में नक्शा स्वीकृति के समय राशि जमा कराने के बावजूद, अंतिम निर्धारण राशि श्रम विभाग में जमा कराना अनिवार्य है।