- रेकाॅर्ड स्तर से फिसली चमक: सोना भी 1,200 रुपए सस्ता - ग्लोबल मार्केट में बिकवाली की चेतावनी से निवेशकों में हड़कंप
सोने और चांदी की आसमान छूती कीमतों पर अचानक ब्रेक लग गया है। स्थानीय सर्राफा बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी भारी गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों को चौंका दिया है। चांदी की कीमतों में करीब 7,200 रुपए प्रति किलो की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं सोना भी 1,200 रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है। कीमतों में आए इस अचानक 'क्रैश' के कारण बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है और व्यापारी आगामी रुख को लेकर असमंजस में हैं।
चांदी में गिरावट का आलम यह है कि महज तीन दिनों के भीतर इसकी कीमत 17,200 रुपए प्रति किलो तक गिर गई है। 6 जनवरी को जो चांदी 2.60 लाख रुपए के अपने उच्चतम स्तर पर थी, वह लुढ़ककर 2.38 लाख रुपए पर आ गई है। चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 80 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में विफल रही, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
इंडेक्स रिबैलेंसिंग का दबाव: अगले दो हफ्तों में 'इंडेक्स रिबैलेंसिंग' के कारण सिल्वर मार्केट का करीब 13 प्रतिशत ओपन इंटरेस्ट बिकने की संभावना है। इस तकनीकी कारण से कीमतों पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
अमेरिका का 'टैरिफ' कनेक्शन: अमरीका में चांदी पर संभावित टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बड़ी मात्रा में चांदी का स्टॉक वहीं अटका है। जैसे ही टैरिफ को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी, ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बढ़ेगी, जिससे दाम और गिर सकते हैं।
बड़े निवेश बैंकों ने निवेशकों को आगाह किया है कि आने वाले महीनों में चांदी में तेज बिकवाली का दौर जारी रह सकता है। चांदी जो कुछ समय पहले 84 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर थी, वह अब तेजी से नीचे आ रही है। हालांकि, जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट एक मौका हो सकती है, लेकिन बाजार की अस्थिरता को देखते हुए जोखिम भी बरकरार है।
कीमतों में लगातार अस्थिरता के कारण ग्राहकों ने फिलहाल दूरी बना ली है। हर कोई और गिरावट का इंतजार कर रहा है, जिससे बाजार में सन्नाटा है। लेकिन आने वाले दिनों में फिर तेजी की संभावना है।
नवरत्न मल संचेती, अध्यक्ष ज्वैलर्स एसोसिएशन भीलवाड़ा
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