
Bhilwara: Crop insurance scam worth lakhs, with loved ones given away while real farmers looked on.
भीलवाड़ा जिले की दांतड़ा ग्राम सेवा सहकारी समिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर बड़े घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड भीलवाड़ा की जांच रिपोर्ट ने सहकारी तंत्र में बैठे सफेद पोशों की पोल खोलकर रख दी है। समिति के व्यवस्थापक शिवराज सिंह ने पद का दुरुपयोग करते हुए वास्तविक काश्तकारों की जमीन पर 'अज्ञात' लोगों के नाम चढ़ाकर लाखों रुपए के बीमा क्लेम और प्रीमियम राशि का बंदरबांट किया। जांच में सामने आया है कि 2023 से 2025 तक पिछले तीन वर्षों में कुल 1,629 पॉलिसियां फर्जी पाई गई हैं। बैंक ने अब व्यवस्थापक के खिलाफ राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 की धारा-57 के तहत मामला दर्ज कर वसूली की कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार व्यवस्थापक ने हर साल फर्जीवाड़े का दायरा बढ़ाया। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी फर्जी पॉलिसियां केवल उड़द की फसल के नाम पर जारी की गईं।
प्रीमियम के 26.90 लाख रुपए के साथ-साथ वर्ष 2023 के गलत क्लेम की राशि 29.11 लाख को मिलाकर कुल 56 लाख 1 हजार 992 रुपए के दुरुपयोग का प्रारंभिक आकलन किया गया है।
जांच में सामने आया कि सभी फर्जी पॉलिसियां केवल उड़द की फसल के लिए थी। जांच अधिकारियों ने इस पर संदेह जताते हुए राजस्व विभाग से उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की है। आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है जो फसल खराबे के आंकड़ों को प्रभावित कर क्लेम हड़पता है।
बैंक की जांच रिपोर्ट के आधार पर निम्नलिखित कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्थापक शिवराज सिंह के खिलाफ धारा-57 में वाद दायर कर 56 लाख से अधिक की राशि वसूल की जाएगी। खरीफ-2025 की 656 फर्जी पॉलिसियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के लिए कृषि विभाग और बीमा कंपनी को पत्र लिखा गया है। खरीफ-2023 में गलत तरीके से लिए गए 29.11 लाख के क्लेम को गलत लाभार्थियों से वसूल कर वास्तविक भूमि स्वामियों को दिया जाएगा।
भविष्य में ऐसे घोटालों को रोकने के लिए बैंक ने सिफारिश की है कि बीमा क्लेम सूची का सत्यापन अब पंचायत स्तर पर सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी के प्रमाणीकरण के बाद कृषि विभाग की ओर से भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य होना चाहिए। उधर समिति के व्यवस्थापक शिवराज सिंह का कहना है कि उसने किसी तरह का गलत क्लेम नहीं उठाया है। खाते नंबर गलत डल गए थे।
जांच रिपोर्ट में अनियमितताएं सिद्ध हुई हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और राशि की वसूली के निर्देश दे दिए हैं। किसानों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
आलोक चौधरी, प्रबंध निदेशक, सीसीबी भीलवाड़ा
Published on:
26 Feb 2026 09:41 am
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