भीलवाड़ा

अब सूरज से बिजली बनाने पर भी उद्यमियों पर भार

सरकार ने लगाई 40 पैसा प्रति यूनिट इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी
2 min read
Burden entrepreneurs create electricity from sun in bhilwara
Burden entrepreneurs create electricity from sun in bhilwara

भीलवाड़ा।

सूरज से मुफ्त मिलने वाली किरणों से बनी बिजली को भी राज्य सरकार ने महंगा कर दिया है। हालांकि सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर एनर्जी प्लांट) लगाकर खुद की बिजली इस्तेमाल करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर विद्युत शुल्क (इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी) लगाने का निर्णय राज्य की पिछली भाजपा सरकार ने एक अप्रेल से ही कर लिया था, लेकिन किसी उद्यमी ने ध्यान नहीं दिया।

उद्यमियों के होश तब उड़े, जब उनके पास इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी चुकाने के डिमांड नोटिस पहुंचे। नोटिस में एक अप्रेल से 30 नवम्बर तक प्रतियूनिट 40 पैसे जमा कराने को कहा गया है। अन्य राज्यों की तुलना में पहले से महंगी बिजली का उपभोग कर रहे उद्यमियों पर इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से बेजा भार पड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक भीलवाड़ा जिले में 150 से अधिक कपड़ा इकाइयां हैं। इसके अलावा अन्य फैक्ट्रियों में निजी स्तर पर करीब चार सौ सोलर प्लांट लगा रखे हैं। अकेले भीलवाड़ा की टेक्सटाइल इकाइयों को ही आठ लाख से अधिक की राशि चुकानी होगी। पूरे प्रदेश में यह राशि करोड़ों में होगी।
सरकार ने सोलर बिजली उत्पादन को प्रोत्साहन व सोलर पार्क बनाने तथा रूप टॉप सोलर एनर्जी प्लांट की योजना की घोषणा की थी। वर्ष 2016 में निजी उपयोग में इस्तेमाल सोलर विद्युत उत्पादन से इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से 31 मार्च 2018 तक मुक्त किया गया था। अन्य राज्यों में भी लागू होने तथा उद्यमियों की मांग पर सरकार ने यह कदम उठाया था। 31 मार्च को अवधि समाप्त होने पर न किसी मंत्री और न ही उद्यमी ने इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी पर ध्यान दिया।
उधर, अजमेर डिस्कॉम के अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता एसएस मीणा ने सभी सोलर प्लांट संचालकों से 40 पैसा प्रति यूनिट इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी वसूलने के आदेश दिए हैं। विभाग ने इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जोड़कर बिल भेजा, लेकिन किसी उद्यमी ने ध्यान नहीं दिया। राशि जमा नहीं होने पर विभाग ने अब दिसम्बर में सभी उद्योगों को एक अप्रेल से 30 नवम्बर तक का डिमाण्ड नोटिस जारी कर दिए।


बढ़ जाएगी कपड़ा निर्माण की लागत
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जमा कराने की स्थिति में एक मीटर कपड़ा निर्माण लगभग ५० पैसा महंगा हो जाएगा। वस्त्रनगरी नें वर्तमान में 7 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन प्रतिमाह हो रहा है। इससे सीधे तौर पर उपभोक्ताओं पर तीन करोड़ का भार पड़ेगा।

उद्यमियों पर अतिरिक्त भार
सरकार सोलर को बढ़ावे की बात करती है, लेकिन सोलर से मिलने वाली बिजली पर 40 पैसा प्रति यूनिट इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी लगा दी है। यह उद्यमियों पर अतिरिक्त भार रहेगा। जीएसटी दर में भी बदलाव किया है। अब मेटेरियल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। हालांकि इसकी अधिसूचना जारी नहीं की है।
सुरेन्द्र जैन, उद्यमी, सौर ऊर्जा


तीन साल बढ़ाने पर दिया जोर
सोलर विद्युत पर लगने वाले इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी को समाप्त करने तथा इसकी अवधि तीन साल बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वित्त सचिव, ऊर्जा सचिव, उद्योग सचिव सहित अन्य को पत्र लिखा है।
आरके जैन, महासचिव, मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स

Published on:
26 Dec 2018 04:31 pm