भीलवाड़ा

केन्द्र सरकार ने कपड़ा उद्यमियों दिया तोहफा

100 करोड़ के रिफंड का रास्ता साफपिछले साल अगस्त तक आवेदन करने वालों को ही मिलेगा लाभ
2 min read
Mar 29, 2019
Center gives textile enterprises gifts in bhilwara
Center gives textile enterprises gifts in bhilwara

भीलवाड़ा।


केन्द्र सरकार ने कपड़ा उद्यमियों को एक और बढ़ी राहत दी है। सरकार ने सर्कुलर जारी कर कपड़ा उद्यमियों का अटका सौ करोड़ का रिफंड का रास्ता साफ कर दिया है। अब जिनका आईटीसी रिफंड जमा था, वह सभी मिल सकेगा। लेकिन लाभ उन्हीं उद्यमियों को मिलेगा जिन्होंने अगस्त 2018 में रिफण्ड का आवेदन किया था। जिन उद्यमियों ने अभी तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है वे २४ प्रतिशत ब्याज सहित रिटर्न दाखिल करने के बाद रिफण्ड का लाभ ले सकेगा।


सीएस गौरव दाधीच ने बताया कि सरकार ने गुरुवार रात आदेश जारी किया कि कपड़ा उद्यमियों को अगस्त के बाद का रिफंड मिल सकेगा। इस सम्बन्ध में सिंथेटिक वीविंग मिल्स एसोसिएशन का प्रतिनिनिधिमण्डल गत दिनों वित्त मंत्रालय के प्रमुख शासन सचिव उपेन्द्र गुप्ता से मिलकर समस्या बता चुका है। एसोसिएशन सचिव रमेश अग्रवाल व विधिक सलाहकार आशीष सिंघवी ने बताया कि केन्द्र ने एक अगस्त से ही कपड़े पर क्रेडिट के रिफंड की घोषणा की। इसका फायदा किसी भी कपड़ा व्यापारी को नहीं मिल रहा था। एेसे में व्यापारियों ने अगस्त का रिफंड नहीं भरा, जो सौ करोड़ से अधिक जमा हो गया था। सरकार ने आदेश जारी कर सभी को राहत दी है।

अग्रवाल ने बताया कि यार्न पर जीएसटी दर १२ प्रतिशत है, जबकि कपड़े पर ५ प्रतिशत। इससे फेब्रिक निर्माताओं के पास एकत्र क्रेडिट रिफंड नहीं हो पा रही है। सरकार ने कहा कि जुलाई २०१८ तक का बचा क्रेडिट अगस्त के क्रेडिट से लैप्स किया जाए। लैप्स करने से क्रेडिट नहीं बचती या बहुत कम राशि शेष रह रही थी। इस समस्या को विस्तार से बताया गया था।

आदेश के अनुसार, जिन्होंने जीएसटीआर 3 बी में जीएसटी को लैप्स नहीं किया हैं उनको फॉर्म डीआरसी ०३ के माध्यम से लैप्स करने की सुविधा दी गई हैं। रिफंड की गणना ४ सितम्बर २०१८ के हिसाब से की जाएगी। आदेश में सभी तरह की जीएसटी को साथ लेकर गणना करने का प्रावधान दिया है। जिन व्यापरियों ने अगस्त 2018 में लैप्स नहीं किया था उनसे ब्याज वसूलने के निर्देश दिए है। सिंघवी ने बताया कि ब्याज की मांग न्याय संगत नहीं है। एक अगस्त २०१८ से पूर्व की जीएसटी नोटिफिकेशन के कारण लैप्स की गई हैं ना की गलत जीएसटी के कारण। ब्याज केवल गलत क्रेडिट लेने की स्थिति में लिया जा सकता हैं।

Updated on:
29 Mar 2019 11:56 am
Published on:
29 Mar 2019 11:56 am