भीलवाड़ा

अजमेर विद्युत वितरण निगम के स्टोर कीपर ने रिश्वत में मांगे 8 हजार, परिवादी की जल्दबाजी से अटका ट्रेप

निजी मोबाइल कंपनी का ट्रांसफार्मर बदलने का हुआ था सौदा, एसीबी में रिश्वत मांगने का मामला दर्ज
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Complainant Haste stuck trap in bhilwara
Complainant Haste stuck trap in bhilwara

भीलवाड़ा।

जिले के हुरड़ा के अजमेर विद्युत वितरण निगम कार्यालय के स्टोर कीपर परिवादी की जल्दबाजी के कारण ट्रेप होने से बच गया। स्टोर कीपर ने ट्रांसफार्मर बदलने के बदले आठ हजार रुपए की रिश्वत मांग ली। लेकिन टे्रप नहीं हो पाया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष शाखा ने उसके खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज कर लिया।

ब्यूरो के निरीक्षक शिवप्रकाश टेलर के अनुसार गुलाबपुरा निवासी कुलदीपसिंह ने दो माह पूर्व विशेष शाखा में शिकायत की। बताया कि वह गुलाबपुरा उपखण्ड क्षेत्र के रिलायंस कम्पनी के मोबाइल टावरों का साइड इंचार्ज है। क्षेत्र के खारी का लाम्बा गांव में रिलायंस के टावर का ट्रांसफार्मर खराब हो गया। उसे बदलने के लिए हुरड़ा के डिस्कॉम कार्यालय में स्टोर कीपर जीवराज चौधरी से सम्पर्क किया। नियम मुताबिक निजी कम्पनी में ट्रांसफार्मर प्राइवेट होने से उसे ठीक कराने या बदलवाना भी कम्पनी के जिम्मा था। डिस्कॉम की जिम्मेदारी नहीं थी। स्टोर कीपर चौधरी ने ट्रांसफार्मर बदलने के लिए दस हजार रुपए मांगे। एसीबी ने सत्यापन कराया तो आठ हजार में सौदा तय हुआ। सत्यापन के दौरान दो हजार रुपए ले लिए। छह हजार रुपए बाद में लेना तय हुआ।

बार-बार लगाए चक्कर, रिश्वत पर दिया जोर, हो गया शक
स्टोर में ट्रांसफार्मर नहीं था। एेसे में उसे भीलवाड़ा से मंगवाना था। लेकिन परिवादी कुलदीप ने हुरड़ा कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाए। स्टोर कीपर चौधरी से मुलाकात के दौरान रिश्वत लेने पर ज्यादा जोर दिया। दो बार एसीबी को हुरड़ा लेकर भी गया। लेकिन चौधरी को शक हो गया। उसने शेष छह हजार रुपए लेने से मना कर दिया। इससे एसीबी को बैरंग लौटना पड़ा। रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी गई। इस पर आठ हजार रुपए रिश्वत मांगने का मामला दर्ज कर लिया गया।

Published on:
12 Jul 2018 08:12 pm