
भीलवाड़ा ।
जीआई पाइप गड़बड़ी मामले में एक दिन में दो ग्रीन हाउसों की जांच ही की जा सकी है। वहीं विभाग शिकायतकर्ता की जांच की मांग को लेकर ऊपर से आदेश की बाट जोह रहा है। विभाग ने उन ग्रीन हाउस की ही जांच की, जो फरवरी में लगे थे।
उप निदेशक आत्मा इन्द्रसिंह संचेती ने बताया कि दो फाइलों की ही जांच हुई है। इसके लिए उपकरण मंगवाया गया। उस आधार पर कोचरिया के पास गून्दली की मंजू पत्नी राजकुमार नागौरी तथा माण्डलगढ़ के रानीखेड़ा में राधेश्याम पुत्र मथुरालाल जाट के यहां फरवरी में लगाए ग्रीन हाउस की गेज व बाहरी व्यास ही नापा गया। पाइप का वजन नहीं कराया क्योंकि सभी पाइप खड़े है, जिन्हें खोलना संभव नहीं है। गेज व व्यास जांच में सही मिले। खास बात यह है कि दोनों ग्रीन हाउस का सहायक निदेशक उद्यान रामकिशोर मीणा ने भौतिक सत्यापन भी नहीं किया था। टीम ने इसकी जांच भी कर ली। जांच कमेटी में सहायक निदेशक केजी छीपा, सहायक अभियन्ता कृषि आलोक वैष्णव, सहायक निदेशक उद्यान रामकिशोर मीणा, कृषि अधिकारी सुरेश यादव तथा इन्द्रसिंह संचेती शामिल थे।
शिकायतकर्ता की नहीं की जांच
बीगोद के दौलतराम खटीक व गीता देवी खटीक ने ग्रीन हाउस में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने ८ फरवरी को उद्यान विभाग के अधिकारियों को पाइप का वजन कम होने की शिकायत दर्ज कराई लेकिन एक माह बाद भी उसकी जांच नहीं हो सकी। इस बारे मेंं विभाग के कार्यवाहक उप निदेशक इन्द्रसिंह संचेती ने कहा, इसकी जांच के आदेश नहीं मिले हैं। इसके लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा है। किसान दौलतराम खटीक का कहना है कि इस सम्बन्ध में कलक्टर को भी शिकायत करेंंगे।