
भीलवाड़ा।
अजमेर डीआरएम व जिला प्रशासन के दखल के बाद यूरिया से भरी रैक मंगलवार शाम छह बजे फालना स्टेशन से 24 घंटे देरी से रवाना हुई। यह रविवार रात यहां हमीरगढ़ स्टेशन पहुंचनी थी। मारवाड़ जंक्शन से रास्ता नहीं मिलने व रेललाइन के रखरखाव के चलते रैक फालना में अटकी रही।
खाद की कमी से अन्य जिलों में बिगड़ते हालात के मद्देनजर जिला प्रशासन व कृषि अधिकारियों ने डीआरएम से बात कर रैक रवाना करवाने का आग्रह किया। कृषि उप निदेशक जीएल चावला ने बताया कि रैक आने में जितना विलम्ब होगा, उतनी ही मांग बढ़ती जाएगी।
फालना स्टेशन अधीक्षक केआर रांगी ने बताया कि रैक सोमवार सुबह ११ बजे पहुंची थी, लेकिन डबल लाइन का काम चलने से कई ट्रेन पहले से देरी से चल रही थी। ऐसे में अन्य ट्रेनों को पहले गुजारने के चक्कर में रैक रोकी गई। शाम को नए इंजन के साथ रैक रवाना की। अब रास्ता साफ रहा तो बुधवार तड़के भीलवाड़ा पहुंची; इफको के वरिष्ठ क्षेत्र प्रबन्धक बीएल कुमावत का कहना है कि रैक कहां अटक गई थी, इसे लेकर मंगलवार सुबह से प्रशासन लगा था। आखिर में अजमेर डीआरएम से सम्पर्क तथा जानकारी पर पता लगा कि रैक फालना स्टेशन पहुंच गई थी।