
कांग्रेस की ओर से 19 सितंबर को प्रस्तावित फसल मुआवजा जन अधिकार आंदोलन के ठीक एक दिन पहले सरकार ने पिछले साल 2024-25 में हुई अतिवृष्टि से प्रभावित 96 हजार से अधिक किसानों को 53.37 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। हालांकि कांग्रेस का यह आंदोलन यथावत रहेगा।
प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन किसानों के हितों के प्रति संवेदनशीलता रहते हुए खरीफ फसल में हुए नुकसान की गिरदावरी एवं आकलन कर प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत जिले में अतिवृष्टि से प्रभावित 96 हजार किसानों को 53.37 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।
जिले में खरीफ फसल वर्ष 2024-25 में बोई गई फसलों की नियमित गिरदावरी के दौरान हुई अतिवृष्टि से खराबे का आकलन किया गया। आकलन रिपोर्ट के अनुसार जिले की 5 तहसील शाहपुरा, जहाजपुर, फुलिया कलां, काछोला व कोटड़ी में 33 प्रतिशत से अधिक खराबा पाया गया था।
जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार प्रभावित किसानों को कृषि आदान-अनुदान वितरण के लिए डीएमआइएस पोर्टल पर डेटा इन्द्राज किया गया। इस प्रक्रिया के तहत 96 हजार 245 किसानों को 53.37 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है।
खरीफ फसल की गिरदावरी जारी
वर्ष 2025 की खरीफ फसल की गिरदावरी का कार्य जारी है। अब तक 56.71 प्रतिशत गिरदावरी पूरी हो चुकी है। खरीफ फसल वर्ष 2025 में फसलों में हुए नुकसान का आकलन करते हुए गिरदावरी पूर्ण कर 7डी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। कृषि विभाग के अनुसार जिले में लगभग 1.25 लाख हैक्टेयर क्षेत्र की फसले अतिवृष्टि के कारण खेतों में पानी भरने से खराब हो गई है।
1.51 किसानों ने करवाया प्रधानमंत्री फसल बीमा
जिले में खरीफ फसल वर्ष 2025 के तहत 1.51 लाख किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल बीमा करवाया है। सभी बीमित किसानों को संबंधित बीमा कंपनियों की ओर से नियमानुसार बीमा क्लेम राशि का भुगतान किया जाएगा।