
भीलवाड़ा।
प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में हाईटेक नकल से परेशान पुलिस ने इस बार 'मुन्ना भाइयों ' से निपटने के लिए कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2018 में कड़ी जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश दिया। शहर में 11 केन्द्रों पर दो सत्रों में परीक्षा हुई। पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण हुई।
जांच इतनी कड़ी थी कि केन्द्र के बाहर बैठी महिला कांस्टेबलों ने जूड़ा बनाकर आई महिला अभ्यर्थियों को अंदर नहीं जाने दिया। बालों से क्लिप उतरवा लिए। महिला अभ्यर्थी पुलिसकर्मियों से उलझती नजर आई।
दो घण्टे पहले प्रवेश, लम्बी लगी कतार
शहर में पहले सत्र में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच परीक्षा हुई। दो घण्टे पहले केन्द्र में प्रवेश की अनुमति थी। सुबह आठ बजे कतार में लगाकर तलाशी के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। तलाशी में एक से डेढ़ घण्टा लग गया। उसके बाद अपराह्न 3 से शाम 5 बजे परीक्षा हुई। जांच के बाद दौरान अभ्यर्थियों को पेन भी पारदर्शी ही ले जाने दिया गया। पहचान के लिए आधार कार्ड जरूरी था। अभ्यर्थियों का सामान केन्द्र के बाहर ही रखवा लिया गया।
जैमर से जाम केन्द्र
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का आयोजन करवाने के लिए टीसीएस कम्पनी को अधिकृत किया गया था। नकल रोकने के लिए कम्पनी ने हर परीक्षा केन्द्र के अंदर जैमर लगवाया। इससे केन्द्र के अंदर मोबाइल काम ही नहीं कर पाया। वीक्षक और पुलिसकर्मियों तक के मोबाइल बाहर रखवा लिए गए थे।
पहले से दूसरे सत्र में ज्यादा अभ्यर्थी
दोनों सत्रों में 11 हजार 454 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। सुबह के सत्र में 4 हजार 248 अभ्यार्थी परीक्षा देने आए जबकि अपराह्न में 5 हजार 72 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। कुल 2 हजार 104 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। 88.80 प्रतिशत अभ्यर्थियों की पहले दिन उपस्थिति रही।