भीलवाड़ा जिले में अब तक 38.79 लाख रुपए वापस दिलवा चुकी साइबर थाना पुलिस
बैंक में रखे आपके सुरक्षित धन के पीछे साइबर अपराधियों की नजर हैं। चेतावनी भरी खबर जानना इसलिए जरूरी है कि भीलवाड़ा जिले के साइबर थाने में पिछले 10 माह में साइबर ठगी के 33 मामले दर्ज हुए। इसमें लोग करीब पौने चार करोड़ रुपए गंवा चुके हैं। यह सिर्फ एक लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी पर दर्ज मामले हैं।
भीलवाड़ा की पुलिस लाइन िस्थत साइबर थाने में 10 माह में करीब 3.72 करोड़ रुपए ठगी के 33 मामले दर्ज किए गए। यहां एक लाख से अधिक की ठगी के मामले ही दर्ज किए जाते हैं। इससे कम की ठगी के मामले संबंधित थाने में ही दर्ज किए जा रहे हैं। साइबर थाना पुलिस की माने तो अब तक 38.79 लाख रुपए की राशि ठगों से पुन: दिलाने में सहयोग किया है।
पुलिस ने 15 इस्तगासों की जांच के बाद करीब 38 लाख 79 हजार रुपए की राशि ठगी के शिकार लोगों को वापस दिलवाई। पुलिस का कहना है कि जांच में बैंक सहयोग कम करते हैं। सहयोग मिले तो खाते से राशि नहीं निकल सकती है। पुलिस की मानें तो यूएई में बैठकर भारत में साइबर फ्रॉड को ज्यादा अंजाम दिया जा रहा है। खासकर दुबई व अबूधाबी से वारदात के कई केस आ चुके हैं। अब तक 8 मामलों में न्यायालय में चालान पेश हो चुका है।
थाने में 11 जनों का स्टाफ-
साइबर क्राइम थाने में एक डिप्टी, एक सब इंसपेक्टर, एक एएसआई, 1 हैड कांस्टेबल तथा 7 कांस्टेबल का स्टाफ है। जिले में ऑनलाइन ठगी के मामले हर माह औसतन 10 से 15 होते हैं, लेकिन मामले दर्ज दो-तीन ही हो पाते हैं। छोटे मामले थाने में दर्ज होते हैं। थाने में अलग से साइबर टीम नहीं होने पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाती है। साइबर थाने में स्टाफ है, लेकिन एक्सपर्ट नहीं होने पर ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों को निराश होना पड़ता है।
बैंक मैनेजर बन कर रहे ठगी
साइबर पुलिस का कहना है कि चेतावनी के बावजूद लोग मामूली लालच में आकर शिकार हो जाते हैं। ठग फरियादी से लालच देकर या बैंक मैनेजर या बैंक प्रतिनिधि बनकर भरोसा जीतता है।
इनसे रहे सावधान-
- गूगल सर्च के दौरान नजर आने वाले टोल फ्री नंबर पर कॉल नहीं करें। ये नंबर गलत हो सकते हैं।
- किसी भी व्यक्ति या बैंक के नाम पर अपना ओटीपी नहीं दें।
- क्रेडिट या डेबिट कार्ड को अपडेट करने के नाम पर आने वाले फोन पर कोई जानकारी व ओटीपी ना दें।
- अगर किसी से ठगी होती है तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल कर शिकायत करें।
- किसी भी तरह का अनजान लिंक नहीं खोलें।