महात्मा गांधी चिकित्सालय में शनिवार को चार विभागों में डॉक्टरों की कमी के चलते चिकित्सा व जांच व्यवस्था ठप रही
भीलवाड़ा।
महात्मा गांधी चिकित्सालय में शनिवार को चार विभागों में डॉक्टरों की कमी के चलते चिकित्सा व जांच व्यवस्था ठप रही। मनोरोग विभाग, चर्म रोग विभाग, नाक, कान, गला विभाग में डॉक्टर नहीं बैठे। एेसे में शहर सहित गांवों से आए सैंकड़ों लोगों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। दूसरी ओर सोनोग्राफी विभाग में चिकित्सक नहीं होने से दर्जनों गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों को परेशान होना पड़ा।
अस्पताल में दो डॉक्टर छुट्टी पर, एक शिविर में और एक कोर्ट पेशी में गए हुए थे। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. महेन्द्र छापरवाल व ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी शर्मा अवकाश पर थे। मनोरोग व नशा मुक्ति विशेषज्ञ डॉ. वीरभान चंचलानी की ड्यूटी शिविर में लगी हुई थी। रेडियोलोजिस्ट डॉ. विजय माहेश्वरी कोर्ट में पेशी पर गए हुए थे। इसी कारण इन विभागों की ओपीडी खुल नहीं पाई।
इनका कहना है...
अस्पताल में मनोरोग, चर्म रोग , नाक,कान, गला व सोनोग्राफी विभाग विभाग में डॉक्टरों की संख्या 1-1 ही है। एेसे में इनके डॉक्टरों के अवकाश पर चले जाने से विभागों को बन्द करना पड़ता है। डॉक्टरों की कमी से यह समस्या हो रही है।
डॉ. देवकिशन सरगरा,
उपनियंत्रक, महात्मा गांधी
चिकित्सालय, भीलवाड़ा
विधायक कोटे से अंबेडकर भवन बनवाएगी सरकार
भीलवाड़ा. ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने विधायक कोटे में कुछ नए काम कराने की छूट दी है। विधायक अपने कोष से अब अंबेडकर भवन व डॉ. भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा का प्लेटफार्म के लिए राशि दे सकेंगे। साथ ही अंबेडकर भवन, वाल्मिीकी भवन आदि बनवा सकेंगे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के परियोजना निदेशक पुष्कर राज शर्मा ने कलक्टर, विधानसभा सचिव, जिला परिषद के सीईओ से कहा है कि वे अपने क्षेत्र में विधायकों से अंबेडकर भवन के लिए राशि ले सकते है। पुस्तकालय भवन, बस स्टैण्ड, धर्मशाला, विश्रामगृह, स्टेडियम, खेल मैदान, वाल्मिकी भवन, सामुदायिक भवन, अम्बेडकर भवन के लिए केवल ग्रामीण क्षेत्रों में राशि दे सकते है।
शहरी क्षेत्रों में अम्बेडकर भवन परिसर में जनसहयोग से स्थापित कराई जाने वाली डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति के प्लेटफार्म का निर्माण तथा मूर्ति स्थापना के लिए जन सहयोग की राशि कम पडऩे पर सम्बन्धित संस्था व समिति के फण्ड में आंशिक योगदान विधायक दे सकते है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास के लिए विधायक संस्था को मदद कर सकेंगे।