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राहुल गांधी पर भड़के केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, कहा- देश से माफी मांगे, नहीं तो जनता माफ नहीं करेगी

भीलवाड़ा दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने राहुल गांधी के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए इस्तेमाल की गई भाषा पर राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।

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Arjun Ram Meghwal

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल। फोटो- पत्रिका

भीलवाड़ा। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भीलवाड़ा में बड़ा बयान देते हुए कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के लिए जिन अपशब्दों का प्रयोग किया है, उसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी होगी, अन्यथा जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। मेघवाल रविवार को ग्रोथ सेंटर में भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन की एजीएम में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।

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इस दौरान राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दिवंगत नेता सुषमा स्वराज के पुराने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति में विचारधारा अलग हो सकती है, विरोध हो सकता है, लेकिन नेताओं को शत्रु जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के जिम्मेदार पद पर हैं, इसलिए उन्हें अपनी भाषा और आचरण का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कॉकरोच जनता पार्टी की देशभर में चल रही चर्चा पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सोशल मीडिया की देन है। उन्होंने कहा कि जब यह राजनीतिक पार्टी बनेगी तब उस पर चर्चा की जाएगी, फिलहाल इस विषय पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष ने बदला रुख

नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण बिल के क्रियान्वयन में हो रही देरी को लेकर मेघवाल ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में संसद से पारित इस कानून को लागू करने के लिए सरकार जरूरी संशोधन करना चाहती थी, लेकिन अंतिम समय में टीएमसी, सपा और द्रमुक जैसे दलों ने अपना रुख बदल लिया।

महिला आरक्षण कानून को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा

उन्होंने कहा कि सरकार अभी भी सभी दलों के बीच सहमति बनाने का प्रयास कर रही है, क्योंकि संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। महिलाओं को अधिकार देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। देश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मेघवाल ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से लोकतंत्र और मजबूत होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी दलों के सहयोग से महिला आरक्षण कानून को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।

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