
Rajasthan workers New safety rules : फोटो - AI
Rajasthan : सरकार ने राज्य के औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-दशाओं में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। केन्द्र सरकार के ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड-2020 को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार ने राजस्थान ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस रूल्स, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। ये नियम पूरे प्रदेश में 1 जुलाई से प्रभावी हो गए हैं। इस नई व्यवस्था से जहां श्रमिकों को सुरक्षित माहौल और कानूनी अधिकार मिलेंगे, वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत उद्योगों को लाल फीताशाही से बड़ी मुक्ति मिलेगी।
नए नियमों के तहत अब किसी भी कर्मचारी को बिना नियुक्ति पत्र के काम पर नहीं रखा जा सकेगा। इसमें वेतन, पद, ईपीएफ, ईएसआई और भत्तों का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य होगा। बीड़ी-सिगार या निर्माण कार्यों में लगे 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के हर कर्मचारी का साल में एक बार निःशुल्क मेडिकल चेकअप कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी। कर्मचारियों से सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकेगा।
कारखाना मालिकों की सहूलियत के लिए पंजीकरण, लाइसेंस नवीनीकरण और संशोधन अब पूरी तरह ऑनलाइन होंगे। सबसे बड़ी राहत देते हुए फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि अब अधिकतम 10 वर्ष कर दी गई है। नवीनीकरण शुल्क जमा होते ही लाइसेंस स्वतः जनरेट हो जाएगा। यदि विभाग समय पर आवेदन निस्तारित नहीं करता है, तो डीम्ड रजिस्ट्रेशन के तहत सर्टिफिकेट अपने आप जारी हो जाएगा।
यह नया कानून राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल श्रमिकों का जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षित होगा, बल्कि पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था से राज्य में नए औद्योगिक निवेश का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
आरके जैन, महासचिव, मेवाड़ चैम्बर ऑफ कामर्स
कार्यस्थल पर गंभीर दुर्घटना या मृत्यु होने पर इसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग, पुलिस और प्रशासन को देनी होगी। इसके अलावा, राज्य स्तर पर व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सलाहकार बोर्ड का गठन किया जाएगा। इसमें आईआईटी जोधपुर, एमएनआईटी और एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
बड़े उद्योगों में 500 से अधिक श्रमिक के तहत सुरक्षा समिति और सेफ्टी ऑफिसर अनिवार्य कर दिए हैं। खतरनाक प्रकृति वाले उद्योगों में 250 श्रमिकों पर ही सेफ्टी ऑफिसर नियुक्त करना होगा।
Updated on:
13 Jul 2026 08:23 am
Published on:
13 Jul 2026 08:23 am
