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Banswara: सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश का असर, बांसवाड़ा में बनेगा 125 मीटर लंबा बांध, ग्रामीणों में खुशी की लहर

New Dam in Banswara: बांसवाड़ा के कुशलगढ़ क्षेत्र में पानी की समस्या से जूझ रहे गांवों को जल्द राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश के बाद हिरन नदी पर 125 मीटर लंबे एनिकट निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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New Dam in Banswara

एनिकट के लिए सर्वे करते अ​धिकारी। फोटो- पत्रिका

बांसवाड़ा। कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। हिरन नदी पर 125 मीटर लंबे एनिकट (छोटा बांध) निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश के बाद जल संसाधन विभाग ने मौके पर पहुंचकर सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। विभागीय टीम ने एनिकट निर्माण के लिए भूमि का निरीक्षण कर संभावित लाभान्वित गांवों की सूची भी तैयार की है। प्रस्ताव को जल्द ही राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।

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पानी की गंभीर समस्या

विभागीय अधीक्षण अभियंता प्रकाशचंद रैगर ने बताया कि कुशलगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत ठुम्मट के पास से होकर हिरन नदी गुजरती है। यह नदी मध्यप्रदेश से निकलकर कुशलगढ़ क्षेत्र से होती हुई अनास नदी में जाकर मिलती है। क्षेत्र में लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्राम पंचायत चुड़ादा और ठुम्मट के ग्रामीण कई वर्षों से यहां एनिकट निर्माण की मांग कर रहे थे, ताकि बारिश का पानी संरक्षित किया जा सके।

ग्रामीणों ने बताई थी समस्या

हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशलगढ़ दौरे के दौरान ग्रामीणों और सरपंचों ने मॉर्निंग वॉक के समय इस समस्या को उनके सामने रखा था। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश का अधिकांश पानी बहकर निकल जाता है और गर्मी के दिनों में पेयजल तक का संकट गहरा जाता है। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को मौके का सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। साथ ही आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी एनिकट निर्माण की संभावनाएं तलाशने को कहा था।

पांच से अधिक गांव होंगे लाभान्वित

जल संसाधन विभाग के अनुसार हिरन नदी पर एनिकट बनने से पांच से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। विभाग का मानना है कि इससे खेती को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में क्षेत्र के कई हैंडपंप पानी के अभाव में सूख चुके हैं। ग्रामीणों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता है। बारिश के मौसम में बड़ी मात्रा में पानी बहकर निकल जाता है, लेकिन उसका संरक्षण नहीं हो पाता। एनिकट बनने के बाद पानी का संचयन होगा और गांवों में पेयजल संकट भी काफी हद तक कम हो सकेगा।

सीएम के दौरे पर रखी मांग, तुरंत सर्वे का काम शुरू

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसानों ने खेती और पानी की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक खेती अपनाने और जल संरक्षण पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने अपने आवास पर लगे आम के पेड़ों का उदाहरण देते हुए नई तकनीक और पौधों की जानकारी साझा की। इस दौरान किसानों ने बताया कि पानी की कमी के कारण यहां लगाए गए पौधे सूख जाते हैं। किसानों ने मनरेगा के तहत खुदवाए गए कुओं से भी पर्याप्त लाभ नहीं मिलने की जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत एनिकट निर्माण का सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए थे, जिसका ग्रामीणों ने स्वागत किया।

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