
ग्रामीणों से चर्चा करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा। फोटो- पत्रिका
बांसवाड़ा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गुरुवार को बांसवाड़ा दौरा पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। आदिवासी क्षेत्र चुड़ादा गांव में रात्रि विश्राम के बाद सुबह गांव की गलियों में निकले मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और मौके पर ही सख्त फैसले लेते हुए अफसरों को एपीओ कर दिया। इनमें जिला शिक्षा अधिकारी शफब अंजुम, कुशलगढ़ के बीसीएमएचओ डॉ. गिरिश भाभोर और बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त शामिल हैं। मुख्यमंत्री की त्वरित कार्रवाई से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
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मुख्यमंत्री ‘ग्राम विकास चौपाल’ कार्यक्रम के तहत चुड़ादा गांव पहुंचे थे। गुरुवार सुबह वे गांव में पैदल भ्रमण पर निकले और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इसी दौरान ग्रामीणों और कार्मिकों ने कुशलगढ़ के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरिश भाभोर के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी। शिकायत को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद चिकित्सा विभाग ने डॉ. गिरिश भाभोर को एपीओ कर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी शफब अंजुम को एपीओ किया। संयुक्त शासन सचिव महेंद्र कुमार खींची के आदेश के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय से कार्यमुक्त कर बीकानेर भेजने के निर्देश जारी किए गए। शफब अंजुम पर निजी स्कूलों की मान्यता संबंधी रिकॉर्ड में छेड़छाड़, नियमों के विपरीत बहाली और विभागीय कार्यों में मनमानी के आरोप लगे थे।
विभागीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि शिक्षिका सरिता बोला के निलंबन के बाद नियम विरुद्ध बहाली का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा था। मुख्यमंत्री ने गांव में चाय पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। उनके निर्देश पर ठुम्मठ गांव में मां बाड़ी केंद्र निर्माण के लिए 16.20 लाख रुपए, ठुम्मठ चौराहा पर सिंगल फेज ट्यूबवेल निर्माण के लिए 20 लाख रुपए और चुड़ादा गांव में मामा बालेश्वर दयाल मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण व इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 7 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की गई। साथ ही राजकीय विद्यालय में दो कक्षा-कक्षों के निर्माण और गांव के पास दूध संकलन केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
Published on:
21 May 2026 05:37 pm
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