
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) शफब अंजुम। फोटो पत्रिका
Banswara : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बांसवाड़ा जिले में पहुंचने से पहले प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) शफब अंजुम को एपीओ कर दिया। संयुक्त शासन सचिव महेंद्र कुमार खींची के आदेश के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय से कार्यमुक्त कर बीकानेर भेजने के निर्देश दिए। शफब अंजुम के खिलाफ निजी स्कूलों की मान्यता संबंधी रिकॉर्ड में छेड़छाड़, नियमों के विरुद्ध बहाली और विभागीय कार्यों में मनमानी की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। शिकायतों की जांच के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि कथित शिक्षिका सरिता बोला के निलंबन के बाद नियम विरुद्ध बहाली का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा था।
शिक्षा विभाग में अनियमितताओं को लेकर डीईओ सहित बुद्धिप्रकाश और एक अन्य अधिकारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। शासन सचिव के आदेश के बाद समग्र शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी पवन कुमार रावत ने शफब अंजुम को कार्यमुक्त कर दिया। इससे पहले भी शफब अंजुम को एपीओ किया जा चुका है।
बांसवाड़ा. डीईओ प्रारम्भिक शफब अंजम की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन सौंप कर डीईओ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में बताया कि डीईओ को 19 मई को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के लिए एपीओ कर दिए जाने के बावजूद वह 20 मई को कार्यालय पहुंची तथा उन्होंने उपस्थिति पंजिका में दस्तख्त किए। वहीं, 21 मई के कॉलम में भी सीएल दर्शाई है। जबकि, एपीओ के बाद कार्मिक दस्तख्त नहीं कर सकता है।
महासंघ के जिलाध्यक्ष विक्रमसिंह सांयावत ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि डीईओ अपने चहेते कार्मिकों के साथ मिलकर ऑफिस के रिकॉर्ड को खुर्द बुर्द करना चाहती है। इस संबंध में डीईओ अंजम से उनका पक्ष जानने के लिए लगातार कॉल करने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
वहीं एक अन्य न्यूज में प्रदेश के शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन में प्रवेश के लिए बुधवार को प्री-डीएलएड-2026 प्रवेश परीक्षा बांसवाड़ा जिले के 22 केंद्रों पर उत्साह पूर्वक हुई। जिले में 16 हजार 534 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 13 हजार 241 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। उपस्थिति प्रतिशत 80.08 रहा। परीक्षा के पहले सत्र में कुल 8267 परीक्षार्थियों में से 6647 उपस्थित एवं 1620 अनुपस्थित रहे। जबकि, शाम की पारी में कुल 8267 परीक्षार्थियों में से 6594 उपस्थित एवं 1673 अनुपस्थित रहे।
तीन स्तर पर हुई परीक्षार्थियों की जांच
परीक्षा के जिला समन्वयक एवं गोविन्द गुरु कॉलेज के प्राचार्य प्रो. कल्याणमल सिंगाड़ा ने बताया कि परीक्षा की गोपनीयता और संवेदनशीलता को देखते हुए परीक्षार्थियों की तीन स्तर पर जांच की गई। इसमें सबसे पहले पुलिस कार्मिकों ने जांच की। अगले क्रम में केंद्रों पर अनुमोदित निजी एजेंसी द्वारा बायोमेट्रिक जांच की। तीसरे स्तर पर मुख्य द्वार पर केंद्र के फ्लाइंग स्क्वॉड ने जांच की।
Published on:
21 May 2026 09:37 am
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