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Bhilwara Murder Case: जिससे बेइंतहा मोहब्बत करता था, उसी को मार डाला; जंगल में फेंकी लाश, सबूत मिटाने की रची साजिश

Bhilwara Murder Case: भीलवाड़ा के शंभूगढ़ क्षेत्र में लापता विवाहिता मंजू देवी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। प्रेम संबंध में शक के चलते आरोपी प्रेमी जगदीश बैरवा ने गमछे से गला घोंटकर हत्या की और शव जंगल में फेंक दिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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Bhilwara Manju Devi Murder Case

Bhilwara Manju Devi Murder Case (Photo-AI)

Bhilwara Manju Devi Murder Case: बरसनी/रायला (भीलवाड़ा): कहते हैं कि प्यार का आधार अटूट विश्वास होता है, लेकिन जब इसी विश्वास में शक का जहर घुल जाए, तो अंजाम खौफनाक होता है। इसकी बानगी शंभूगढ़ थाना क्षेत्र में देखने को मिली, जिस शख्स को 30 वर्षीय मंजू देवी ने अपना माना, उसी के हाथों के गमछे ने उसकी सांसों की डोर को हमेशा के लिए तोड़ दिया।

आपसी विवाद और संदेह की आग में जल रहे प्रेमी ने न सिर्फ अपनी प्रेमिका की बेरहमी से जान ली, बल्कि उसके वजूद को मिटाने के लिए शव को जंगल में फेंक दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के महज कुछ ही घंटे के भीतर मंगलवार को हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।

गुमशुदगी से शुरू हुई तलाश, जंगल में थमी सांसें

दौलतपुरा की ढाणी निवासी मंजू देवी रेगर गत 9 जुलाई को लापता हो गई थी। घर से निकली मंजू के वापस नहीं लौटने पर मृतका के पति सुखालाल रेगर ने गुमशुदगी का मामला शंभूगढ़ थाने में दर्ज कराया। परिजन सुरक्षित वापसी की दुआएं मांग रहे थे, लेकिन सोमवार को रानीखेड़ा के जंगल में मंजू का शव मिला। उसका गला घोंटा हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान कर परिजनों को सूचना दी।

शक का वो खौफनाक मोड़, जब प्यार बन गया जल्लाद

थाना प्रभारी रोहिताश्व यादव ने बताया कि मृतका मंजू और आरोपी नई आबादी बरसनी निवासी जगदीश बैरवा के बीच लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। लेकिन बीते कुछ दिनों से इस रिश्ते पर शक का साया मंडराने लगा था। आरोपी जगदीश को मंजू के किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम संबंध होने का संदेह था।

इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर तीखी नोकझोंक होती थी। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। गुस्से में जगदीश ने गले में पड़े गमछे से मंजू का गला घोंटकर हत्या कर दी।

सबूत मिटाने की थी साजिश

घटना के बाद आरोपी जगदीश ने पहचान छिपाने और सबूत को नष्ट करने की नीयत से मंजू के शव को रानीखेड़ा के जंगलों में फेंक दिया और खुद सामान्य बनकर घूमता रहा। उधर, शव मिलने के बाद शंभूगढ़ पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर संदिग्धों की सूची बनाई।

संदेह के घेरे में आए प्रेमी जगदीश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। रायला अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में जगदीश को गिरफ्तार कर लिया है।