पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में बाजारखुलवाने के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी खजूरी कस्बे में पहुंचे
अमरगढ़।
आगजनी की घटना के बाद पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में सात दिन से बंद पड़े बाजार को खुलवाने के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मंगलवार को खजूरी कस्बे में पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण गिरफ्तार लोगों की रिहाई व निर्दोष लोगों पर से मामले हटाए जाने की मांग कर रहे है।
जानकारी के अनुसार सातवें दिन उपखंड अधिकारी करतार सिंह, पुलिस उप अधीक्षक रामेश्वर प्रतिहार, तहसीलदार ओमप्रकाश जैन मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाकर बाजार खुलवाने का प्रयास किया।लेकिन धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं ने प्रशासन के देरी से पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए 31 लोगों की रिहाई व अब निर्दोंष लोगों से मामले उठाने की मांग की। अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
गौरतलब है कि खजूरी में बढ़ती चोरियों की वारदात से गुस्साए लोग चार-पांच टै्रक्टरों में भरकर बुधवार सुबह निकटवर्ती रजवास पहुंचे और कंजर बस्ती पर धावा बोल दिया। आधा दर्जन मकानों में तोडफ़ोड़ कर दो दुपहिया वाहन फूंक दिए। महिलाओं और बच्चों से मारपीट भी की गई। इसके बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। इस दौरान ट्रैक्टर में भाग रहे 31 जनों को गिरफ्तार किया गया।
नहर में युवक का शव मिलने से सनसनी
मांडल थाना क्षेत्र स्थित मेजा बांध की बायीं मुख्य नहर में एक युवक का मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा मामले की जांच शुरू की।
जानकारी के अनुसार बांयी नहर में बहकर आए शव की पहचान सतोकपुरा निवासी चांदमल (25) पुत्र भैरू भील के रूप में हुई। उसकी शिनाख्त उसके काका शंकर भील ने की। मृतक 3-4 दिन से घर से लापता था तथा परिजन उसको तलाश कर रहे थे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सालय पहुंचाया। लेकिन चिकित्सकों की हड़ताल के चलते शव को पोस्टमार्टम के लिए भीलवाड़ा ले गए।