
सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव: कागजी रिपोर्टिंग पर रोक, अब सीधे गांवों में हकीकत जांचेंगे बड़े अफसर
सरकारी स्कूलों में नामांकन का ग्राफ बढ़ाने के लिए चल रहे सघन प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में अब कागजी खानापूर्ति नहीं चलेगी। धरातल पर कार्यक्रम की हकीकत जांचने और मॉनिटरिंग को पुख्ता करने के लिए शिक्षा विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और समग्र शिक्षा अभियान के जिला प्रभारियों को अब वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर सीधे फील्ड में उतरना होगा।माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के अनुसार आवंटित जिलों के पीईईओ और यूसीईईओ क्षेत्रों में अधिकारी 10 और 15 अप्रेल को भौतिक रूप से उपस्थित होकर सघन प्रवेशोत्सव का फील्ड निरीक्षण करेंगे।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिला प्रभारी तीसरे और चौथे चरण के तहत केवल उन्हीं ब्लॉकों में फील्ड निरीक्षण और संबलन कार्य करेंगे, जिनमें उन्होंने पहले और दूसरे चरण में दौरा नहीं किया है। यानी अधिकारी पहले से परखे हुए स्कूलों में दोबारा जाकर अपनी ड्यूटी की इतिश्री नहीं कर सकेंगे।
निदेशालय ने निरीक्षण अभियान को पारदर्शी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु तय किए हैं। इसमें समसा और शिक्षा निदेशालय के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ फील्ड विजिट करेंगे, लेकिन दोनों अलग-अलग ब्लॉकों में जाएंगे। यह सख्ती से सुनिश्चित किया जाएगा कि समसा और निदेशालय के अधिकारी एक ही विद्यालय का संयुक्त रूप से निरीक्षण न करें। निदेशालय के अधिकारियों को फील्ड में जाने के लिए मुख्यालय छोड़ने से पूर्व स्टाफ ऑफिसर से अनिवार्य रूप से अनुमति लेनी होगी।
अधिकारियों को फील्ड में जाकर सिर्फ निर्देश ही नहीं देने हैं, बल्कि उनकी खुद की मॉनिटरिंग भी की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन ट्रैकिंग का सहारा लिया है। निरीक्षण करने वाले सभी अधिकारियों को शुक्रवार और 15 अप्रेल की अपनी विस्तृत रिपोर्ट अनिवार्य रूप से तय गूगल फॉर्म के लिंक पर दर्ज करनी होगी।
शाला संबलन अभियान का प्रभारी सहायक निदेशक बीकानेर गोरू प्रसाद भार्गव को बनाया गया है। प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय की वित्तीय सलाहकार मीना सोनगरा भी भीलवाड़ा जिले की स्कूलों का निरीक्षण करेगी।
Published on:
10 Apr 2026 09:15 am
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