
शहर समेत जिले में एक बार फिर लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमण पैर पसार रहा है। संक्रमण का दायरा बढ़ने से लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। कोरोना संक्रमण के कारण शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग की मौत हो गई जबकि जांच के दौरान आठ जने संक्रमित मिले। इस साल कोरोना संक्रमण के कारण यह पहली मौत है।
इससे चिकित्सा प्रशासल अलर्ट मोड पर आ गया है। संक्रमण का दायरा बढ़ने से चिकित्सा विभाग ने जांचें एक बार फिर बढ़ा दी है।जानकारी के अनुसार शहर के आरसी व्यास कॉलोनी निवासी 92 साल के एक व्यक्ति को निमोनिया होने पर परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बुजुर्ग का पिछले चार-पांच दिनों से अस्पताल में उपचार चल रहा था। दो दिन पूर्व ही जांच में संक्रमित पाए गए थे। इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दी थी। बुजुर्ग ने शुक्रवार देर रात दम तोड़ दिया था। परिजनों ने कोरोना प्रोटोकाल की पालना करते हुए शनिवार को अंतिम संस्कार किया। हालांकि चिकित्सा विभाग का कहना था कि बुजुर्ग लम्बे समय से फेफड़ों में संक्रमण से परेशान था। ऐसे में कोरोना से मौत होना नहीं माना जा सकता। उधर, बापूनगर निवासी एक युवक समेत आठ जने संक्रमित पाए गए है। आरआरटी प्रभारी डॉ. घनश्याम चावला ने बताया कि रोगियों में तीन महिलाएं, एक किशोरी व एक बालिका शामिल है। सभी को कोरोना वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज लग चुकी है। इनमें सात रोगियों की कोई ट्रॉवेल हिस्ट्री नहीं है जबकि बापूनगर निवासी युवक बैंगलूरू से लौटा था। सभी को दवाइयां देकर होम आइसोलेट किया गया है।
मास्क पहनना छोड़ा, भीड़ में शामिल हाे रहे
कोरोना संक्रमण के बढ़ने का प्रमुख कारण आमजन के लापरवाही बरतना है। लोगों ने मास्क पहनना बिल्कुल छोड़ दिया है। यात्रा के दौरान भी मास्क लगाकर नहीं रहते। वहीं भीड़भाड़ वाली जगह पहुंच रहे है। सब्जी मंडी में रोजाना भीड़ देखी जा सकती है। वहीं खरीदारी के दौरान भी ग्राहक के जमा होने पर व्यापारी सावधानी बरतने की सलाह नहीं दे रहे।
दो माह में आए 27 मरीज, जुलाई के नौ दिन में 42 मरीज
जिले में मई व जून माह में कोरोना के कुल 27 मरीज सामने आए थे। लेकिन जुलाई के नौ दिन के भीतर इनकी संख्या बढ़कर 42 हो गई। एक व्यक्ति की कोरोना से मौत भी हो गई। इससे माना जा सकता है कि कोरोना का एक बार फिर ग्राफ बढ़ रहा है। सरकार के पाबंदियां हटाते ही लोग भी लापरवाह हो गए। गौरतलब है कि दो साल पूर्व भीलवाड़ा देश में कोरोना का सबसे हॉट स्पॉट बना था। उसके बाद संक्रमण पर काबू पाने में रोल मॉडल बनकर भी उभरा।