
भीलवाड़ा. निर्वाचन आयोग ने फर्जी मतदान रोकने के लिए इस बार व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। अब केवल बीएलओ की ओर से जारी की गई मतदाता पर्ची के आधार पर ही वोट नहीं दे सकेंगे। वोटर को निर्वाचन आयोग की ओर से जारी मतदाता पहचान पत्र भी साथ लाना होगा। पोलिंग अधिकारी मतदाता पर्ची और पहचान पत्र से मिलान के बाद ही मतदान कराएंगे। जिले में कुल ७४.७१ फीसदी मतदान हुआ। इनमें से कुल ८९.५५ फीसदी मतदाताओं ने तो बीएलओ की ओर से दी गई मतदाता पर्ची के माध्यम से ही वोट दिया। महज ६.५६ फीसदी मतदाताओं ने एपिक कार्ड का उपयोग कर मतदान किया। वहीं ३.८९ फीसदी ने दूसरे दस्तावेजों से मतदान किया। चुनाव आयोग फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। ईवीएम के साथ वीवीपैट को जोड़ा गया है। मतदाता ईवीएम में डाले गए वोट को वीवीपैट में देख सकेंगे। वहींए फोटोयुक्त पर्ची को मतदाता पहचान पत्र का दर्जा देने से आयोग ने इनकार कर दिया है। वोट डालने के लिए फोटोयुक्त मतदाता पर्ची के साथ पहचान पत्र लेकर पोलिंग बूथ पर जाना होगा। जो वोटर पहचान पत्र नहीं दिखा सकेंगेए उनको मतदान से रोक दिया जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार मतदाता पहचान पत्र के साथ 11 और आईडी का इस्तेमाल मतदान के लिए किया जा सकेगा।