वस्त्रनगरी में संचालित प्रोसेस हाउसों को एक साल का लगभग 12 करोड़ रुपए से अधिक का रिफण्ड मिलेगा
भीलवाड़ा।
जॉब पर काम करने वाले प्रोसेस हाउस संचालकों ने बुधवार को सीजीएसटी के सहायक आयुक्त से जल्द रिफण्ड दिलाने का आग्रह किया है। प्रोसेस हाउस को इनपुट टैक्स एवं आउटपुट में देय टैक्स की वजह से बचने वाले अन्तर के टैक्स का रिफण्ड करने की घोषणा 13 जून को केन्द्र ने की थी।
यह रिफण्ड जीएसटी लागू होने की तारीख एक जुलाई से मिलेगा। ऐसे में हर प्रोसेस हाउसों के लगभग 50 से 60 लाख रुपए का रिफण्ड बकाया है। वस्त्रनगरी में संचालित प्रोसेस हाउसों को एक साल का लगभग 12 करोड़ रुपए से अधिक का रिफण्ड मिलेगा।
मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स के महासचिव आरके जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल को सीजीएसटी के सहायक आयुक्त अनिरूद्ध वैष्णव ने बताया कि फाइल के 15 से 20 दिन में तैयार कर रिफण्ड के लिए जयपुर भेजेंगे। 10 दिन में रिफण्ड जारी कर दिया जाएगा। पहले सभी दस्तावेज के साथ रिफण्ड के लिए आवेदन करना होगा। उधर वाणिज्यिक कर विभाग राज्य टैक्स का रिफण्ड कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल में वीके सोडानी, विशाल बाहेती, मुकेश अग्रवाल, गिरीश गुप्ता, नवीन झालान, रघुवीर सिंह भी शामिल थे।
ये देने होंगे दस्तावेज
जीएसटी के सेवा केन्द्र प्रभारी जीपी दाधीच ने बताया कि रिफण्ड के लिए एआरएन नम्बर व आरएफडी 01 ए के साथ आवेदन करना होगा। साथ तीन चार लेटरहैड पर अण्डरटेकिंग देनी होगी। इन्फुट के बिल, शिपिंग बिल आईजीएम के साथ, इलेक्ट्रोनिक क्रेडिट लेजर की प्रति, जीएसटीआर वन व जीएसटीआर 3 बी के साथ पेश करना होगा। इन सभी दस्तावेजे के साथ आवेदन करने के 21 दिन में रिफण्ड किया जा रहा है।
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