
भीलवाड़ा।
केन्द्र सरकार ने जीएसटी में निर्यातकों को राहत के लिए रिफण्ड क्लेम में छूट दी लेकिन इसका समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। इसके चलते निर्यातकों के सामने रिफण्ड क्लेम में दिक्कत आ रही है। उद्यमियों को समय पर रिफण्ड नहीं मिल रहा है।
सरकार ने तिमाही रिटर्न भरने के लिए ऑनलाइन सुविधा की बात कही थी। लेकिन जीएसटीएन कम्पनी अपने सॉफ्टवेयर में सुधार नहीं कर पाई। लिहाजा हर माह रिटर्न के साथ क्लेम भी करना पड़ा है। इससे कभी सरकार तो कभी उद्यमियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव आरके जैन ने बताया कि केंद्र ने 15 मार्च से ऐसे निर्यातकों को राहत देने की घोषणा की थी जो बिना आईजीएसटी चुकाए माल निर्यात कर रहे हैं। ऐसे निर्यातक क्लेम तिमाही में कर सकते हैं। खास बात यह है कि जिस दिन यह घोषणा हुई, उसी दिन से जीएसटीएन सॉफ्टवेयर में न सुधार किया ना कोई बदलाव।
जैन ने बताया, निर्यातकों को रिटर्न भरने में देरी हो रही है। वही रिफण्ड भी समय पर नहीं मिल रहा है। इससे निर्यातक व सरकार को नुकसान हो रहा है। अधिकारियों का मानना है कि निर्यातक ने जैसे अप्रेल में 10 करोड़ का यार्न ख्ररीदा लेकिन निर्यात 2 करोड़ का ही किया। ऐसे में 10 करोड़ का रिटर्न भरने व क्लेम करने पर मिलने वाले रिफण्ड से सरकार को नुकसान होगा। निर्यातक को फायदा, लेकिन माल कम खरीदा और निर्यात अधिक करने पर निर्यातक को नुकसान हो सकता है। जैन ने बताया कि इस मामले को लेकर वित्त व टेक्सटाइल मंत्रालय के अलावा राजस्व सचिव, टेक्सटाइल आयुक्त को पत्र लिखा है। मई माह में पत्र लिखा था, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।