भीलवाड़ा

किसानों ने ऐसा क्या किया जो हर रोज लग रहा 9 लाख का फटका

सरकारी खरीद एक से, रजिस्ट्रेशन में पांच दिन से दिक्कतमण्डी में प्रतिदिन आ रही 900 से 1000 बोरी सरसों
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Mar 30, 2019
farmers do that which resulted in the loss of 9 lakh in bhilwara
farmers do that which resulted in the loss of 9 lakh in bhilwara

भीलवाड़ा।


कृषि उपज मण्डी में नई सरसों की आवक बढऩे लगी है। शुक्रवार को करीब एक हजार सरसों की बोरियों आई। सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद एक अप्रेल से शुरू होगी। मण्डी व्यापारियों के अनुसार इन दिनों औसतन करीब 900 बोरियों की आवक हो रही है। इससे किसानों को रोज 8 से 9 लाख रुपए कम मिल रहे हैं। इस बीच, जिले के कई सेन्टरों पर खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का काम पांच दिन से बंद है। इसके चलते किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने उप रजिस्ट्रार मिश्रीलाल चावला से भी शिकायत दर्ज कराई है।

इधर, बदलते मौसम का मिजाज भांपकर किसान जोर-शोर से सरसों निकलवाने में जुटे है। थ्रेसर से निकलवाई सरसों किसान सीधे खलिहान से मण्डी ला रहे है। एक पखवाड़े में ही विभिन्न गांवों से 2० हजार से अधिक बोरियां मण्डी पहुंची। नई सरसों का भाव शुक्रवार को 3300 से 3३५० रुपए प्रति क्विंटल रहा।

एक से समर्थन मूल्य पर खरीद
उप रजिस्ट्रार चावला का कहना है कि जिले में समर्थन मूल्य पर सरसों व चने की खरीद एक अप्रेल से शुरू होगी। जिले में 1३ खरीद केन्द्र बनाए हैं। सरसों का 4200 रुपए प्रति क्विंटल व चने का 4620 रुपए समर्थन मूल्य तय किया गया है। इस बार एक किसान से २५ बोरी सरसों व चने की खरीद का लक्ष्य रखा है।

१५७१५ हैक्टेयर में सरसों की बुआई
जिले में इस बार सरसों की १५,७१५ हैक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई हुई है। बिजौलियां क्षेत्र में ३५५० हैक्टेयर में बुआई की गई है। सबसे कम रायपुर में १५० हैक्टेयर में बुआई हो सकी है। कृषि विभाग के अनुसार सरसों का उत्पादन एक हैक्टेयर में औसतन १५ क्विंटल ३० किलो माना है। यानी ढाई लाख क्विंटल सरसों का उत्पादन होगा। चने की बुआई ३५ हजार १२५ हैक्टेयर क्षेत्रफल में की गई है। इसका औैसत उत्पादन १५ क्विंटल २६ किलोग्राम प्रति हैक्टेयर माना गया है।

Published on:
30 Mar 2019 12:10 am