भीलवाड़ा

चमकेगी भीलवाड़ा के खान मालिकों की किस्मत, यह बड़ा फैसला आया

patrika.com/rajsthan news
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Mar 12, 2019
Fate of the owners of Bhilwara Khan Khan, this big decision came
Fate of the owners of Bhilwara Khan Khan, this big decision came

भीलवाड़ा. प्रदेश की खदानों से निकले क्वार्ट्ज फेल्सपार, सोडा, पोटास को सीधे गुजरात में भेजने पर सरकार ने रोक लगा दी है। इससे जिले में लगी २५० से ज्यादा ग्राइंडिंग इकाइयों को जीवनदान मिलेगा। खान विभाग ने खनिज के लम्स के बाद गिट्टी, ग्रेन या चिप्स रूप में भी प्रदेश से बाहर भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में रविवार को नोटिफिकेशन जारी किया गया। इससे टैक्स व रॉयल्टी की चोरी कर गुजरात में भेजे जा रहे फेल्सपार कच्चे माल पर पूरी तरह से रोक रहेगी। उद्यमियों की यह थी मांगराजस्थान से कच्चे खनिज फेल्सपार की निकासी पर रोक की मांग के लिए लंबे समय से आंदोलन हो रहा था। पूर्व में सरकार ने 5 अक्टूबर 2018 को लम्स के रूप में फेल्सपार के बाहर भेजने पर प्रतिबंध लगाया। इसका तोड़ निकालते हुए उद्यमियों ने २० एमएम से लेकर ४० एमएम तक की गिट्टी, ग्रेन और चिप्स रूप में बाहर भेजना शुरू कर दिया। इससे स्थानीय ग्राइंडिंग इकाइयों पर संकट आ गया था। कई यूनिटें बंद हो गई और हजारों लोग बेरोजगार हो गए।
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अब यह होगा फायदा
- खान व्यापारियों को कच्चा माल सीधा उनकी इकाइयों पर आएगा। इससे मांग बढ़ेगी और व्यवसाय में तेजी के साथ ही रोजगार मिलेगा।
- पहले ये कच्चा माल भारी मात्रा में गुजरात के मोरवी में जाता था। पाउडर प्लांट लगने के साथ ही यहां का व्यापार ठप हो गया। कई प्लांट बंद हो गए।
- कच्चा माल, गिट्टी, चिप्स बंद होने से गुजरात में लगे चाइनीज प्लांटों पर राजस्थान के विभिन्न जिलों से पाउडर जाएगा। - आसींद, मांडल, रायपुर, सहाड़ा, हमीरगढ़ क्षेत्र में क्वाट्र्ज फेल्सपार पत्थर की खदानें खूब है। यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
राजस्थान पत्रिका ने 23 जनवरी को 'राजस्थान के फेल्सपार से पनप रहे गुजरात के उद्योगÓ समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि यहां से कच्चा माल गुजरात जाने से ग्राइंडिंग यूनिटें बंद होने की स्थिति में हैं। यहां की ग्राइडिंग यूनिटों में इन पत्थरों को पीसकर पाउडर बनाया जाता है। इस पाउडर से टाइल्स बनती है। भीलवाड़ा में टाइल्स बनाने का कोई उद्योग नहीं लगा है। गुजरात में सरकार ने मोरवी में टाइल्स पार्क विकसित कर रखा है। अब वहां कई यूनिटें लग गई हैं। वहां ग्राइडिंग यूनिटें भी लग गई, लेकिन यहां से कच्चा माल जाने लगा है।
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ग्राइडिंग यूनिटों को चलाने में आ रहा था संकट
यहां निकलने वाले पत्थर को पीसकर पाउडर बनाते हैं। यह पाउडर टाइल्स सहित अन्य वस्तुएं बनाने के काम आता है। इस काम के लिए दो सौ से ज्यादा ग्राइंडिंग यूनिट हैं। इनके लिए सरकारी खानापूर्ति ज्यादा होने व प्रतिस्पर्धा के कारण बंद होने के कगार पर आ गई थी। अब गुजरात में ही कुछ समूहों ग्राइंडिंग यूनिट लगा दी हैं। यहां से पत्थर गुजरात जा रहा था।
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सिरेमिक जोन की बढ़ी संभावना

जिले में मोड़ का निम्बाहेड़ा के पास करीब पांच सौ बीघा में सिरेमिक जोन बनना है। भूमि आवंटन कर रीको को देना तय हो गया है। यहां जमीन रीको के नाम आनी बाकी है। एेसे में यहां उद्योग नहीं लग पा रहे हैं। यहां करीब पांच हजार करोड़ का निवेश होगा। यहां २०० ग्राइडिंग, १५० टाइल्स, २० क्रॉकरी तथा २० सेनेट्री वेयर यूनिट लगाने की योजना है। अब इसकी संभावना बढ़ गई है।
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Published on:
12 Mar 2019 07:01 pm