महावीर जन्मोत्सव की तैयारियां: 28 मार्च से शंखनाद, 30 को निकलेगी शोभायात्रा
सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से इस वर्ष भगवान महावीर का जन्मोत्सव श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। 30 मार्च को शहर में निकलने वाली शोभायात्रा में भगवान ऋषभदेव से लेकर 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर तक सभी 24 तीर्थंकरों की प्रतिमाएं अलग-अलग पालकियों में सवार होकर शहर भ्रमण पर निकलेंगी। आयोजन में मुनि अरह सागर, मुनि सुहित सागर और गणिनीआर्यिकाविज्ञाश्री का सानिध्य मिलेगा। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि 28 मार्च से तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू होगा। इसे लेकर सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से सभी तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इस शोभायात्रा में किसी एक मंदिर का नहीं शहर के सभी 18 मंदिरों को सहयोग मिल रहा है।
एक जैसी वेशभूषा में दिखेंगे श्रद्धालु
शोभायात्रा में प्रत्येक पालकी को चार श्रावक एक समान वेशभूषा (ड्रेस कोड) में अपने कंधों पर उठाकर चलेंगे। हाउसिंग बोर्ड मंदिर के सभी श्रावक भी एक जैसी पोशाक पहनकर प्रभु भक्ति करते हुए चलेंगे। महिला संगठनों की ओर से मनमोहक सजीव झांकियां सजाई जाएंगी। शोभायात्रा आमलियों की बारी से प्रारंभ होकर स्वाध्याय भवन पहुंचेगी। यहां अग्रवाल उत्सव भवन से निकलने वाली 24 भगवान की पालकियां इस यात्रा में आकर मिल जाएंगी। इसके बाद यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः स्वाध्याय भवन पहुंचकर संपन्न होगी।
24 पांडुशिलाओं पर विराजमान होंगे 24 तीर्थंकर
समाज के उपाध्यक्ष प्रकाश गंगवाल ने बताया कि 29 मार्च को प्रातः 7.30 बजे से 1008 सहस्रनाम अभिषेक होगा। 24 पांडुशिलाओं पर 24 तीर्थंकर भगवान विराजमान होंगे और 24 हवन कुंडों में 24 पुण्यार्जक 1008 मंत्रों की आहुति देंगे। जन्मोत्सव पर 30 मार्च की सुबह 24 पांडुशिलाओं पर विराजमान भगवान का अभिषेक होगा। बाद में स्वर्ण पांडुशिला पर भगवान महावीर का महामस्तकाभिषेक होगा। सुबह 8:15 बजे अग्रवाल उत्सव भवन से मुख्य शोभायात्रा रवाना होगी।
तीन दिवसीय कार्यक्रम
मंत्री नरेश गोधा के अनुसार 28 मार्च सुबह 7.30 बजे दीप प्रज्ज्वलन से सेवा कार्यों की शुरुआत होगी। इस दौरान रक्तदान शिविर व निशुल्क नेत्र जांच, दवा वितरण, ऑपरेशन सुविधा और बीपी-शुगर जांच होगी। स्वर्ण प्राशन व स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता होगी। रक्तदाताओं को हेलमेट भेंट किया जाएगा। शाम 7 बजे से महिला मंडलों की प्रतियोगिताएं होगी। रात में संगीतमय पालना झुलाना कार्यक्रम होगा।