भीलवाड़ा

अजमेर सेंट्रल जेल से ऑपरेट हुई गैंग, सजायाप्‍ता कैदी ने करवाई 75 लाख की लूट, जेल में बैठे मोबाइल से देता रहा निर्देश

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Gang operated from Ajmer Central Jail
Gang operated from Ajmer Central Jail

भीलवाड़ा/रायला।

अजमेर सेंट्रल जेल में कैदियों के पास मोबाइल ने फिर जेल प्रशासन की कार्य प्रणाली को कठघरेे में ला खड़ा किया। जेल में बैठे सजायाफ्ता कैदी ने मोबाइल से भीलवाड़ा जिले में हाइवे पर 75 लाख रुपए की लूट करा दी। लूट में शामिल रहे पियादे हत्थे चढ़े तो वारदात उजागर हुई। रायला पुलिस ने लूट के आरोप में दो जनों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा और मंगलवार को दो और जनों को गिरफ्तार किया। सरगना कैदी को प्रोडक्शन वारंट से गिरफ्तार कर लाया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक डॉ. रामेश्वरसिंह के अनुसार 31 जुलाई को भीलवाड़ा से ट्रांसपोर्ट कम्पनी से अलवर के चालक माकू तौफीक मेव 18 टन कपड़ों की गांठे ट्रक में लादकर रात में दिल्ली रवाना हुआ। ईरास चौराहे के निकट पीछे से कार में आए चारों जनों ने आगे वाहन लगाकर ट्रक रुकवाया। चालक को बंधक बना लिया। एक व्यक्ति ट्रक लेकर रवाना हुआ। करीब दस किलोमीटर गांगलास के निकट जंगल में चालक के हाथ-पैर बांध जंगल में पटक कर ट्रक लेकर भाग गए। ट्रक में करीब 75 लाख रुपए का कपड़ा भरा था। मामले में छह दिन में खुलासा कर 6 अगस्त को आरजिया के आबिद मंसूरी व लुहारिया (माण्डल) के फारूख पठान को गिरफ्तार किया था।

गैंग में शामिल दो अन्य आरोपी मोरवन थाना जावद (नीमच) के शेरू उर्फ मोईनुद्दीन पठान व बैंक कॉलोनी नाका मदार (अजमेर) निवासी अतुल जॉन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने लूटा गया ७५ लाख का कपड़ा बरामद कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि चमारी खेड़ा (बागोर) निवासी सद्दाम वारदात का सरगना है। वर्तमान में वह हत्या के मामले में अजमेर की सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है।


जेल में बैठे मोबाइल से देता रहा रिश्तेदारों को निर्देश

सद्दाम ने जेल में बैठे मोबाइल से वारदात करवाई। उसने रिश्तेदार आबिद और फारूख को तैयार किया। उनको भीलवाड़ा बुलाया। आबिद और फारूख ने दो अन्य साथियों को साथ लिया। ट्रांसपोर्ट कम्पनी में ट्रक में कब कपड़ा भरा गया, वहां से कब रवाना हुआ और कहां पहुंचा, यह सब जानकारी सद्दाम मोबाइल पर रिश्तेदारों को देता रहा। उसके बाद गैंग सदस्य ट्रक के पीछे हुए। पुलिस का मानना है कि ट्रांसपोर्ट कम्पनी से जुड़ा व्यक्ति सद्दाम के सम्पर्क में था। वो सद्दाम को जानकारी दे रहा था और सद्दाम साथियों की मदद से वारदात करवाई।


कॉल डिटेल खंगाली तो रह गई दंग

पुलिस ने गिरोह को पकडऩे के लिए इलाके की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन निकलवाई। उसमें एक कॉल की लोकेशन अजमेर सेंट्रल जेल आई। यह देखकर भीलवाड़ा पुलिस भी दंग रह गई। गिरोह को पकड़ा तो उन्होंने राज उगला। लूटा गया कपड़ा अजमेर के एक गोदाम में ही छिपाया गया था। पुलिस ने गोदाम से कपड़ा बरामद करके लेकर आई।

Published on:
15 Aug 2018 08:13 am