आरबीएसई 10वीं बोर्ड का परिणाम, लगातार चार सालोंसे बढ़ रहा परिणाम छात्रों के मुकाबले छात्राओं का परिणाम 1.27 प्रतिशत ज्यादा
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बुधवार शाम 10वीं का परिणाम जारी किया। भीलवाड़ा जिले का परिणाम 93.89 प्रतिशत रहा। छात्राओं का परिणाम 94.50 व छात्रों का 93.23 प्रतिशत रहा। छात्रों के मुकाबले छात्राओं का परिणाम 1.27 प्रतिशत ज्यादा रहा। इनमें 13477 छात्रों में से 12565 पास हुए जबकि 14502 छात्राओं में से 13704 पास हुईंं। जिले को 20वी रैंक जबकि प्रवेशिका में प्रदेश में 17 वी रैंक मिली। पिछले साल 2024 में परिणाम 90.75 तथा प्रवेशिका का 97.69 प्रतिशत रहा था। पिछले चार सालों से भीलवाड़ा का परिणाम लगातार बढ़ रहा है। जिले में 27979 विद्यार्थियोंं में से 26269 पास हुए। इस बार भी छात्राओं का परिणाम छात्रों से बेहतर रहा। 94.50 फीसदी छात्राएं और 93.23 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। 50.47 प्रतिशत लड़कियां प्रथम और 43.36 प्रतिशत लड़कियां द्वितीय श्रेणी से पास हुईं। लड़के 40.67 प्रतिशत प्रथम, 49.87 प्रतिशत द्वितीय श्रेणी से पास हुए। सरकारी स्कूलों के छात्र अव्वल रहे हैं। निजी विद्यालय टैगोर पब्लिक विद्यालय पोटला के नारायण शर्मा ने जिले में सर्वाधिक 99.17 प्रतिशत अंक हांसिल किए। नारायण ने तीन विषय हिन्दी, गणित व संस्कृत में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। जबकि अंग्रेजी में 97, विज्ञान में 99, व सामाजिक विज्ञान में 99 अंक हासिल किए हैं। डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा के अनुसार जिले में प्रवेशिका का परिणाम 86.74 प्रतिशत रहा। इसमें छात्राओं का परिणाम 83.33 तो छात्रों का 90.48 प्रतिशत रहा। जबकि पिछले साल 2024 में जिले में प्रवेशिका का परिणाम 97.69 प्रतिशत रहा। इसमें छात्राओं का परिणाम 95.52 तो छात्रों का 100 प्रतिशत रहा था।
डॉक्टर बनना चाहता है नारायण
गंगापुर. टैगोर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोटलां के नारायण शर्मा ने दसवीं बोर्ड में 99.17 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय व परिवार का नाम रोशन किया है। मूलतः जवासिया निवासी नारायण एक साधारण परिवार से है। पिता महेश चंद्र शर्मा किसान है। माता ग्रहणी हैं। वह डॉक्टर बनना चाहता है।
कड़ी मेहनत से यह मुकाम किया हांसिल
गुलाबपुरा. गुलाबपुरा की शिशु सदन माध्यमिक विद्यालय का प्रशांतकुमार पंडित अव्वल रहा। मोबाइल से दूर रहकर प्रतिदिन 5 से 6 घंटे अध्ययन किया। इसके कारण परिणाम 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अव्वल रहा। छात्र ने सफलता का श्रेय परिजनों व गुरुजनों को दिया। वह वैज्ञानिक बनना चाहता है।
अस्मा बोली नित्य अध्ययन का परिणाम
मांडल. महात्मा गांधी गर्ल्स स्कूल मांडल की अस्मा परवीन अंसारी को मेहनत का फल मिला। पिता का सात साल पूर्व बीमारी से निधन हो गया था। माता समीम अख्तर मेनत मजदूरी करती है। प्रतिदिन 11 घंटे अध्ययन के कारण 98.50 प्रतिशत अंक प्राप्त अव्वल रही। सफलता का श्रेय गुरुजनों को दिया।
किसान की बेटी ने किया नाम रोशन
बिजोलियां. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय माल का खेड़ा की छात्रा सुमन कुमारी तेली ने 98.50 प्रतिशत अंक हांसिल कर विद्यालय व परिवार का नाम रोशन किया है। उंद्रो का खेड़ा निवासी सुमन एक साधारण परिवार से है। पिता चौथ मल किसान हैं। माता संजय तेली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है। वह प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है।
यूपीएससी में जाना है लक्ष्य
जहाजपुर. जय भारती उच्च माध्यमिक विद्यालय जहाजपुर का रुद्राक्ष पत्रिया 98.17 प्रतिशत अंक हांसिल कर अव्वल रहा है। पिता संदीप पत्रिया कृषि करते हैं। माता दीपाली पत्रिया आयुर्वेद विभाग में नर्स है। यूपीएससी में जाना चाहता है। पढ़ाई को लेकर माता-पिता व दादाजी का पूरा सहयोग रहा है।
अध्ययन के साथ योग
गंगापुर. टैगोर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोटलां में अध्यनरत छात्र युद्धवीर सिंह चौहान ने दसवीं बोर्ड में 97.83 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। भूणास निवासी युद्धवीर सिंह एक साधारण परिवार से है। पिता योगेन्द्र सिंह चौहान व्यवसायी हैं। माता ग्रहणी है। वह अध्ययन के साथ कुछ समय निकाल कर योग भी करता था।
घर आकर करती रिवीजन से पाई सफलता
गंगापुर. टैगोर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोटलां की छात्रा निशा सुवालका ने 97.83 प्रतिशत अंक हासिल किए। पिता मुकेश कुमार सुवालका व्यवसायी हैं। माता गृहणी हैं। निशा ने स्कूल में अध्ययन करने के साथ घर पर तीन से चार घंटे पुन: रिवीजन करती थी।
प्रशासनिक सेवा में जाना है लक्ष्य
बीगोद. राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल जोजवा के तनुज कुमावत ने 97.67 प्रतिशत अंक हांसिल किए। सफलता का श्रेय माता-पिता व विद्यालय के शिक्षकों को दिया है। लगातार मेहनत करने व शिक्षकों के दिए गए टिप्स के कारण वह अव्वल रहा है। तनुज प्रशासनिक सेवा में जाना चाहता है। तनुज के पिता शंभुलाल कुमावत किसान व माता भुला देवी गृहणी है।
वर्ष एडमिट उत्तीर्ण
नौ साल से बेटियां आगे रहीं
वर्ष छात्र छात्रा