16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘मैं SP बोल रहा हूं…’ ऑनलाइन FIR से नंबर निकाल सैकड़ों को ठगा, 400 लोगों को दी धमकी, राजस्थान पुलिस ने ऐसे दबोचा

भीलवाड़ा पुलिस ने खुद को एसपी बताकर लोगों से ठगी करने वाले साइबर अपराधी सत्येंद्र सिंह उर्फ देशपत यादव को मप्र-यूपी बॉर्डर से गिरफ्तार किया। आरोपी पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड कर फरियादियों को धमकाता और क्यूआर कोड से पैसे ऐंठता था।

2 min read
Google source verification
Bhilwara Cyber Crime

Bhilwara Cyber Crime (Photo-AI)

भीलवाड़ा: राजस्थान की भीलवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी का पर्दाफाश किया है, जो खाकी का खौफ दिखाकर लोगों की जेब खाली कर रहा था। यह ठग कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर सीधे 'भीलवाड़ा एसपी' बनकर फोन करता था।

पुलिस की साइबर सेल और रायला थाना पुलिस ने एक फिल्मी ऑपरेशन के तहत आरोपी को मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के बीहड़ों से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्येंद्र सिंह उर्फ देशपत यादव (26) निवासी टीकमगढ़ (मप्र) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह इलाका साइबर अपराधियों का नया 'हॉटस्पॉट' बन चुका है। आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था।

  • आरोपी RajCop Citizen App और अन्य राज्यों के ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी नंबरों से लॉगिन करता था।
  • वह पोर्टल से ताजा एफआईआर डाउनलोड करता और उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों पर कॉल करता था।
  • वह खुद को जिले का एसपी या एसएचओ बताकर फरियादी या आरोपी को डराता था।
  • कभी केस में 'न्याय' दिलाने का झांसा देता तो कभी 'कार्रवाई रोकने' के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर हजारों रुपए ऐंठ लेता था।

जब पीड़ित ने पूछा नाम, तो मिला यह जवाब

ठगी का यह खेल तब खुला, जब रायला निवासी जगदीश प्रसाद चौधरी को एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसपी बताते हुए मांडल थाने के एक मामले में सहयोग का झांसा देकर पैसे मांगे।

पीड़ित को जब शक हुआ और उसने नाम पूछा, तो आरोपी ने झिड़कते हुए कहा, अपने काम से काम रखिए, नाम से कोई मतलब नहीं। जब पीड़ित ने एसपी ऑफिस आने की बात कही, तो ठग ने समय की कमी का बहाना बनाकर कॉल काट दिया।

दो दिन जंगल में डेरा, तब चढ़ा हत्थे

एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने जब डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया, तो लोकेशन मप्र-यूपी बॉर्डर के जंगलों में मिली। आरोपी पुलिस से बचने के लिए खेतों और बीहड़ों में छिपा हुआ था। राजस्थान पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दो दिन तक जंगल में कैंपिंग की और घेराबंदी कर आरोपी सत्येंद्र को दबोच लिया।

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ने भीलवाड़ा के 40 और राजस्थान के सैकड़ों लोगों को अपना निशाना बनाने का प्रयास किया था।

पुलिस की अपील

  • पुलिस अधिकारी कभी भी फोन पर पैसों की मांग नहीं करते।
  • डिजिटल सुविधाओं का उपयोग सावधानी से करें।
  • किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को दें।