भीलवाड़ा

सरकारी अस्पतालों की चूक उजागर: मुफ्त इलाज की फाइलें अधूरी, एमजीएच में हर तीसरा क्लेम खारिज

– प्रदेश में टॉप-15 में शामिल है एमजीएच – बीमा के बावजूद लापरवाही से सरकार पर भार राज्य सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना (मां योजना) के तहत सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की मंशा पर लापरवाही भारी पड़ रही है। महात्मा गांधी अस्पताल बीमा क्लेम रिजेक्शन के मामले में प्रदेश के शीर्ष अस्पतालों में शामिल […]

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Jan 31, 2026
Government hospitals' lapses exposed: Every third claim rejected at MGH

- प्रदेश में टॉप-15 में शामिल है एमजीएच

- बीमा के बावजूद लापरवाही से सरकार पर भार

राज्य सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना (मां योजना) के तहत सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की मंशा पर लापरवाही भारी पड़ रही है। महात्मा गांधी अस्पताल बीमा क्लेम रिजेक्शन के मामले में प्रदेश के शीर्ष अस्पतालों में शामिल हो गया है। यहां 29.88 प्रतिशत बीमा क्लेम बीमा कंपनियों की ओर से निरस्त किए जा चुके हैं। दरअसल, मरीजों के भर्ती के समय आवश्यक दस्तावेज, बीमारी का स्पष्ट विवरण और इलाज से जुड़ी औपचारिकताएं अस्पताल पोर्टल पर समय पर और पूर्ण रूप से अपलोड नहीं की जा रही। इससे बीमा कंपनियां भुगतान से इनकार कर रही। परिणामस्वरूप, बीमा के दायरे में आने वाले इलाज का खर्च सरकार को अपनी जेब से उठाना पड़ रहा है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने भीलवाड़ा के एमजीएच सहित प्रदेश के 28 सरकारी अस्पतालों के जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कई अस्पतालों में तो आधे से अधिक क्लेम तक निरस्त हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि मां योजना की प्रभावशीलता पर भी ग्रहण लगा रही है।प्रदेश के किस अस्पतालों में कितने क्लेम रिजेक्टएमजीएच में 29.88 फीसदी, सिरोही के राजकीय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 48.38 फीसदी, बाड़मेर के राजकीय जिला चिकित्सालय में 45.56, बीकानेर के पीबीएम महिला हॉस्पिटल 38.77, जयपुर के सेठी कॉलोनी स्थित एसआर गोयल राजकीय हॉस्पिटल में 38.35, जयपुर के सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय में 37.16, बूंदी के राजकीय जिला अस्पताल में 36.71, करौली के शिवराजसिंह राजकीय हॉस्पिटल में 36.36, डूंगरपुर के श्री हरिदेव जोशी सामान्य चिकित्सालय में 31.89 तथा धौलपुर के मंगलसिंह जिला चिकित्सालय में 31.69 फीसदी है। चित्तौड़गढ़ के सांवलिया जी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में 31.43 फीसदी, सीकर के राजकीय एसके चिकित्सालय में 30.68 फीसदी, बीकानेर के ईएनटी हॉस्पिटल में 30.31 फीसदी,, जयपुर के बनीपार्क स्थित सैटेलाइट हॉस्पिटल में 28.25 फीसदी है।

Published on:
31 Jan 2026 12:26 pm
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