Gupteshwar Mahadev temple in hill cave at bhilwara मांडलगढ़ उपखंड में अरावली पर्वत श्रृंखला की गोद में स्थित है गुप्तेश्वर महादेव मंदिर । हजारों वर्ष पुरानी गुफ ा में प्राकृतिक शिवलिंग व महादेव विराजे है। बारिश व सावन मास में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। आबादी से दूर पहाडिय़ों के मध्य यह दर्शनीय एवं रमणीय स्थल पर्यटकों के लिए आर्कषण का केन्द्र बना हुआ है।
भीलवाड़ा। मांडलगढ़ उपखंड में अरावली पर्वत श्रृंखला की गोद में स्थित है गुप्तेश्वर महादेव मंदिर । हजारों वर्ष पुरानी गुफ ा में प्राकृतिक शिवलिंग व महादेव विराजे है। बारिश व सावन मास में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। आबादी से दूर पहाडिय़ों के मध्य यह दर्शनीय एवं रमणीय स्थल पर्यटकों के लिए आर्कषण का केन्द्र बना हुआ है। Gupteshwar Mahadev temple in hill cave
इस स्थान पर जाने के अब तीन मुख्य रास्ते है । जिनमें एक रास्ता जीप व मोटर साइकिल से यथास्थान तक जाता है। जिसके लिए यात्रियों को भीलवाड़ा से मांडलगढ़ मार्ग पर होडा ग्राम से खाचरोल, माकडिया, सुरडिया व गोट का झूपडा तक पक्की सडक के बाद जंगल मे कच्ची सड़क पर होते हुए है। यह रास्ता होडा से 8 किमी जाने के बाद यहां पहुंचा जाता है। दूसरा मार्ग सिर्फ 3 किमी नगर के पुरानी आबादी मे आंबा की बावडी तक वाहन से है, उसके बाद पैदल सीढिय़ां चढने के बाद पठारी भाग मे पैदल चल कर अंत मे फि र सीढिय़ा उतरने के बाद महादेव के यहां पहुंचता है। तीसरा रास्ता वाहन के लिए कस्बे से देव तालाब के निकट होकर स्थान तक पंहुचता हैं।
अखण्ड ज्योति प्रज्वलित
यहां दोनों तरफ लगभग तीन सौ फीट उंची पहाडी के बीच महादेव के स्थान पर सैंकड़ों वर्षो से शाहपुरा की तरफ से अखण्ड ज्योति प्रज्वलित आज भी अनवरत जारी है। यहां श्री राजाराम दास जी महाराज, गंगास्वरूप जी महाराज, बर्फ ानी महाराज सहित कई गुरूजनों ने तपस्या की एवं वर्तमान में बालकदासजी भक्ति कर रहे है । यहां मोबाइल की रेंज नही आती है जिससे आज भी लोगो को वहां जाने के बाद शांति महसूस होती है। बिजली की व्यवस्था भी कुछ वर्षो से हो चुकी है। यहां तीन सराय है। पानी का कुण्ड व पानी का नाला वर्षा ऋ तुु में बहता रहता है, यहां कल कल गिरते जल व पंछियों की आवाज लुभावनी लगती है।