
भीलवाड़ा जिले की रैंकिंग में आई भारी गिरावट ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। राजस्थान पत्रिका के गुरुवार के अंक में भीलवाड़ा का शैक्षिक स्तर धड़ाम' शीर्षक से प्रकाशित समाचार का बड़ा असर देखने को मिला है। जिला कलक्टर की तीखी नाराजगी के बाद मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ ) ने इसे अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। वही एडीपीसी ने चार ब्लॉक के सीबीईओं को कारण बताओं नोटिस जारी किए है।
मार्च 2026 में भीलवाड़ा जिला प्रदेश में 19वें स्थान पर था, जो अप्रेल की रैंकिंग में 17 पायदान नीचे गिरकर 36वें स्थान पर पहुंच गया है। सीडीईओ अरुणा गारू ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे प्रभावी मॉनिटरिंग का अभाव बताया है।
शिक्षा विभाग के गलियारों में चर्चा है कि रैंकिंग गिरने की एक मुख्य वजह आंकड़ों की 'सत्यता' है। कुछ अधिकारियों का दबी जुबान में कहना है कि जिले के अधिकारी पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं और वास्तविक आंकड़े भर रहे हैं। यदि अन्य जिलों की तरह आंकड़ों में फेरबदल किया जाता, तो भीलवाड़ा आज टॉप रैंकिंग में होता।
रैंकिंग में सबसे ऊपर रहे जिले के 14 ब्लॉक में से 4 ब्लॉक आसींद, बिजौलियां, मांडल तथा हुरड़ा को सीडीईओ अरुणा गारू ने फिसड्डी बताया है। जबकि सुवाणा, करेड़ा, बदनोर तथा कोटड़ी ब्लॉक जिले में सबसे फिसड्डी रहे हैं। इन चार ब्लॉक में सुधार करने तथा सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतें।
शिक्षा विभाग के अधिकारी भी केवल नोटिस पर नोटिस देकर मात्र खानापूर्ति करने में लगे हैं। भीलवाड़ा जिला रैंकिंग में पिछड़ने के बाद सीडीईओं ने एडीपीसी तथा एडीपीसी ने चार ब्लॉक के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर इतिश्री कर ली है। यह भी केवल अपनी फाइल को मजबूत करने के लिए ऐसा कर रहे है।
निर्देशों के बावजूद रैंकिंग में गिरावट आना चिंताजनक है। कमजोर क्षेत्रों के लिए अविलंब कार्ययोजना तैयार की जाए। यदि आगामी माह में प्रगति नहीं दिखी, तो संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
- अरुणा गारू, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, भीलवाड़ा
Updated on:
8 May 2026, 11:03 AM IST
Published on:
8 May 2026, 11:03 AM IST
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