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भीलवाड़ा में नकली खाद मामले में बड़ी कार्रवाई, CCB के MD आलोक चौधरी APO, 2 कर्मचारी भी सस्पेंड

Bhilwara Fake Fertilizer Scam: भीलवाड़ा में मांडल क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में दबाव डालकर कथित रूप से नकली खाद (सरदार बायो एनपीके) की आपूर्ति और उसे खाली करवाने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस पूरे विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय सहकारी बैंक भीलवाड़ा के प्रबंध निदेशक (एमडी) आलोक कुमार चौधरी को एपीओ कर दिया है।

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Rajasthan Fake Fertilizer Scam

Bhilwara Fake Fertilizer Scam (Photo-AI)

Rajasthan Fake Fertilizer Scam: भीलवाड़ा जिले की सहकारी समितियों में हुए बहुचर्चित नकली खाद घोटाले और उसके बाद उपजे भारी आक्रोश के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। सहकारिता विभाग ने भीलवाड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) के प्रबंध निदेशक (MD) आलोक कुमार चौधरी को तत्काल प्रभाव से एपीओ (पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा) कर दिया है। उन्हें अपनी उपस्थिति शासन सचिवालय, जयपुर में दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जानें क्या है पूरा मामला?

भीलवाड़ा के मांडल क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में दबाव डालकर कथित तौर पर 'सरदार बायो एनपीके' नामक नकली और घटिया खाद की आपूर्ति का मामला सामने आया था। आरोप है कि महज़ 400 रुपए की इस घटिया बायो खाद को किसानों को जबरन 1350 रुपए में बेचा जा रहा था। इस धोखे के सामने आने के बाद किसानों में भारी आक्रोश फैल गया और सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

कर्मचारी यूनियन का विरोध

नकली खाद की शिकायतें मिलने पर एमडी आलोक कुमार चौधरी ने आनन-फानन में मांडल शाखा के प्रबंधक राहुल पोखरना और प्रधान कार्यालय के बैंकिंग सहायक राजकुमार कुमावत को निलंबित कर दिया था। बैंक प्रबंधन पर आरोप लगा कि उन्होंने दोनों कार्मिकों को अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया।

इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ 'ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन' और 'ऑफिसर्स एसोसिएशन' ने मोर्चा खोल दिया। पदाधिकारियों ने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा को सहकारिता मंत्री गौतम दक के नाम एक ज्ञापन सौंपकर दोनों निलंबित कर्मचारियों को तुरंत बहाल करने की पुरजोर मांग की थी।

उच्च स्तरीय जांच की मांग के बाद हुआ एक्शन

इस पूरे विवाद के बीच, बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव व सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने सहकारिता विभाग के शासन सचिव और रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इसके तुरंत बाद सोमवार देर शाम एमडी को एपीओ करने के आदेश जारी हो गए। सहकार नेता आमेरा ने इस निर्णय को सुशासन, पारदर्शिता और किसानों के हित में बताया है।

हालांकि, विभाग ने आदेश में इसे प्रशासनिक कारणों से की गई कार्रवाई बताया है, लेकिन हर कोई इसे नकली खाद प्रकरण से ही जोड़कर देख रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या एमडी को एपीओ करने मात्र से पीड़ित किसानों के आर्थिक नुकसान की भरपाई हो पाएगी और क्या व्यवस्था के प्रति किसानों का डगमगाया भरोसा वापस लौट पाएगा?

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