19 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bhilwara: बनेड़ा की एल्युमिनियम फैक्ट्री बंद करने के आदेश, भट्टी में LDO की जगह टायर ऑयल जलाकर फैला रहे थे प्रदूषण

Banera Aluminum Factory: भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा में स्थित एल्युमिनियम फैक्ट्री को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने बंद करने के आदेश जारी किए हैं। बताया गया कि भट्टी में एलडीओ की जगह टायर ऑयल जलाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा था।

2 min read
Google source verification
Banera Aluminum Factory

Rajasthan State Pollution Control Board (Patrika File Photo)

Bhilwara Banera Aluminum Factory: भीलवाड़ा: राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने और प्रदूषण फैलाने वाली एक बड़ी औद्योगिक इकाई के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भीलवाड़ा जिले में बनेड़ा तहसील के ग्राम बेरा स्थित एल्युमिनियम एक्सटूजन प्रोफाइल बनाने वाली कंपनी अतुल्या एक्सट्रशंस प्राइवेट लिमिटेड को तुरंत प्रभाव से बंद करने (क्लोजर) के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही इकाई को काम करने के लिए दी गई सहमति को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

तुरंत प्रभाव से बंद होगी बिजली-पानी की सप्लाई

जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 की धारा 33ए और वायु अधिनियम 1981 की धारा 31ए के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए मंडल ने कंपनी को तत्काल प्रभाव से अपना प्लांट बंद करने का निर्देश दिया है। इसके तहत कंपनी के डीजी सेट को सील करने तथा बिजली, पानी या किसी भी अन्य प्रकार की आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को तुरंत रोकने के आदेश दिए गए हैं।

निरीक्षण में खुली पोल

क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने गत दिनों इस औद्योगिक इकाई का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कंपनी परिसर में गंभीर कमियां और नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसमें परिसर के खुले क्षेत्र में प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरे के साथ तेल से सना खतरनाक कचरा जमा मिला।

साथ ही नालियों में तेल मिला पानी इकट्ठा पाया गया। कंपनी की हाउसकीपिंग बेहद असंतोषजनक पाई गई। भट्टी में नियमों के विपरीत एलडीओ की जगह टायर ऑयल का उपयोग ईंधन के रूप में किया जा रहा था। इससे आसपास के क्षेत्र में भयंकर दुर्गंध और वायु प्रदूषण फैल रहा था।

मैन्युअल फीडिंग और अनुमति का अभाव

भट्टी में कच्चे माल की फीडिंग बिना किसी ऑटोमैटिक सिस्टम के हाथों से की जा रही थी। इसके अलावा, कंपनी ने खतरनाक कचरा प्रबंधन नियम 2016 के तहत आवश्यक प्राधिकार भी प्राप्त नहीं किया था।

कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब

निरीक्षण के बाद विभाग ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों में लिखित स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन कंपनी प्रबंधन ने न तो निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब पेश किया और न ही नियमों की पालना को लेकर कोई गंभीर रुख दिखाया। बोर्ड के निर्देशों के प्रति इस अड़ियल और उदासीन रवैये को देखते हुए विभाग ने यह कड़ी कार्रवाई की है।

बड़ी खबरें

View All

भीलवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग