
मृतक एसएचओ लोकपाल सिंह राठौड़। पत्रिका फाइल फोटो
भीलवाड़ा। सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह राठौड़ (38) उदयपुर के एक निजी चिकित्सालय में 15 घंटे बाद जिंदगी की जंग हार गए। उदयपुर के निजी चिकित्सालय में राठौड़ ने बुधवार सुबह 11 बजे अंतिम सांस ली। पुलिस शव को उदयपुर में पोस्टमार्टम के बाद बुधवार देर शाम भीलवाड़ा लाई। शव को गुरुवार सुबह 7 बजे भीलवाड़ा रिजर्व पुलिस लाइन में रखा गया। यहां जिला पुलिस प्रशासन ने दिवंगत लोकपाल सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धाजंलि दी। इसके बाद शव को पैतृक गांव बिजयनगर के नांदसी (बरल पंचायत) ले जाया जाएगा। जहां पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।
राठौड़ की असामयिक मौत से समूचा पुलिस महकमा स्तब्ध है। वहीं भीमगंज पुलिस ने नेहरू विहार स्थित लोकपाल सिंह के आवास को सील कर दिया है। इससे पूर्व एफएसएल व एमओबी की टीम ने घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया। पुलिस मौके से सर्विस रिवॉल्वर व कारतूस का खाली खोल पहले ही बरामद कर चुकी है।
मृतक के भाई आंनदपाल सिंह ने भीमगंज थाने में मृग की रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि मंगलवार शाम को भाभीजी ने पिता को फोन किया कि लोकपाल सिंह डयूटी पर जाने की तैयारी कर रहे थे। अचानक सर्विस रिवॉल्वर से गोली चलने से अचेत हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए भीलवाड़ा चिकित्सालय ले गए। थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि मंगलवार देर शाम 7 बजे सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह राठौड़ नेहरू विहार में निजी निवास पर सर्विस रिवाॅल्वर से खुद को गोली लगी थी। घायल राठौड़ को उदयपुर के एक निजी चिकित्सालय में रेफर कर दिया था। जहां बुधवार सुबह 11 बजे राठौड़ ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने मंगलवार को घायल राठौड़ को तुरंत उदयपुर पहुंचाने के लिए भीलवाड़ा से वाया चित्तौड़गढ़ उदयपुर के बीच ग्रीन कोरिडोर बनवाया। एम्बुलेंस को भीलवाड़ा पुलिस उपाधीक्षक सज्जन सिंह राठौड़ एस्कोर्ट कर रही थे।
चार दिन पूर्व ही नेहरू विहार में निजी आवास किराया लेकर पत्नी के साथ शिफ्ट हुए थे। लोकपाल सिंह ने एक सोफा समेत अन्य फर्नीचर भी लिया था। पहली पत्नी से तलाक के बाद करीब दो माह पूर्व ही राठौड़ ने दूसरा विवाह किया था। लोकपाल सिंह के परिवार में माता-पिता के साथ दो अन्य भाई भी हैं।
लोकपाल ने मंगलवार को बिजयनगर जाने और तीन घंटे में वापस आने की बात कहते हुए पुलिस उपाधीक्षक सदर से मुख्यालय छोड़ने की अनुमति मांगी थी, लेकिन वह बाद में गए हीं नहीं।
Updated on:
06 Aug 2026 08:02 am
Published on:
06 Aug 2026 08:02 am
