भीलवाड़ा

भीलवाड़ा ईएसआई अस्पताल का केंद्र को हैंडओवर अटका, राज्य सरकार ने प्रस्ताव किया खारिज

- सांसद अग्रवाल ने टेक्सटाइल सिटी के 80 हजार श्रमिकों के लिए की थी 100 बेड के अस्पताल की मांग - सरकार का तर्क: भीलवाड़ा में पर्याप्त सुविधाएं, फिलहाल केंद्र को नहीं सौंपेंगे ईएसआई अस्पताल

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Jan 15, 2026
Handover of Bhilwara ESI Hospital to Centre stalled, state government rejects proposal

वस्त्रनगरी भीलवाड़ा के हजारों श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए ईएसआई अस्पताल को केंद्र सरकार के सुपुर्द करने की कवायद पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। राज्य सरकार ने भीलवाड़ा स्थित कर्मचारी राज्य बीमा योजना अस्पताल को केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने से इनकार कर दिया है। सरकार का निर्णय है कि यह अस्पताल फिलहाल राज्य के अधीन ही संचालित रहेगा।

सांसद की पहल पर आया था प्रस्ताव

भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने मुख्यमंत्री और श्रम विभाग को पत्र लिखकर मांग की थी कि भीलवाड़ा में निजी क्षेत्र के लगभग 80 हजार श्रमिक ईएसआई अंशदान जमा करते हैं। वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से संचालित अस्पताल की सुविधाएं लाभार्थियों की संख्या के मुकाबले कम हैं। सांसद ने इसे केंद्र को सौंपकर 100 बेड के उच्च स्तरीय ईएसआईसी अस्पताल में अपग्रेड करने का अनुरोध किया था।

प्रशासनिक विभाग ने लिया निर्णय

सांसद के पत्र के बाद सचिवालय स्तर पर हलचल शुरू हुई थी, लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (ईएसआई योजना) के स्पष्टीकरण के अनुसार, प्रशासनिक विभाग ने तय किया है कि भीलवाड़ा के इस अस्पताल को भारत सरकार के सुपुर्द नहीं किया जाएगा। विभाग का मानना है कि जिले में पहले से ही एक ईएसआई अस्पताल और 6 औषधालयों के माध्यम से चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा राजकीय चिकित्सालयों और टाई-अप अस्पतालों के जरिए भी बीमितों को कवर किया जा रहा है।

यह होगा असर

केंद्र को हस्तांतरण टलने से 100 बेड के नए आधुनिक अस्पताल के निर्माण और केंद्रीय बजट से मिलने वाली अत्याधुनिक मशीनों व विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा के लिए भीलवाड़ा के श्रमिकों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

फैक्ट फाइल

  • कितने श्रमिक: भीलवाड़ा में करीब 80 हजार श्रमिक ईएसआई के दायरे में।
  • क्या थी मांग: राज्य के अस्पताल को केंद्र को सौंपकर 100 बेड का अस्पताल बनाना।
  • सरकार का पक्ष: वर्तमान में 1 अस्पताल और 6 औषधालय पर्याप्त, हस्तांतरण की जरूरत नहीं।
Updated on:
15 Jan 2026 10:48 am
Published on:
15 Jan 2026 10:47 am
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