भारतीय खान ब्यूरो की निरीक्षण रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, 2016-17 में 5 ट्रेंच खोदने का था प्रस्ताव, मौके पर मिले सिर्फ 2
कोटड़ी क्षेत्र के कोदूकोटा गांव में संचालित एक गारनेट खदान में माइनिंग प्लान के नियमों की अनदेखी का बड़ा मामला सामने आया है। भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) की एक आधिकारिक निरीक्षण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि खदान संचालक ने अनुमोदित माइनिंग प्लान के मुताबिक खनिज की खोज का काम पूरा नहीं किया। इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए इसे खनिज संरक्षण एवं विकास नियम एमसीडीआर 2017 के नियम 11(1) का स्पष्ट उल्लंघन माना है और लीजधारक को नोटिस जारी किया।
आईबीएम के अजमेर क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ सहायक खान नियंत्रक डीआर गुर्जर ने इस 'बी-मैनुअल' ओपनकास्ट खदान लीज का मौका निरीक्षण किया था। रिपोर्ट के अनुसार 4 दिसंबर 2019 को हुए इस निरीक्षण के दौरान खदान संचालक एकेडीजेम गार्नेट माइंस' के पार्टनर अनिल कुमार दासोत भी मौजूद थे। 4.27 हेक्टेयर में फैली इस खदान का पिछला निरीक्षण मार्च 2017 में हुआ था। निरीक्षण रिपोर्ट में अधिकारियों ने टिप्पणी की है कि माइनिंग प्लान की शर्तों की पालना नहीं की गई। पिछले मॉडिफाइड माइनिंग प्लान की अवधि साल 2016 और 2017 के दौरान खदान क्षेत्र में खनिज का पता लगाने के लिए कुल 5 एक्सप्लोरेटरी ट्रेंच (खाइयां) खोदने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। लेकिन जब अधिकारियों ने मौके पर जांच की, तो वहां केवल 2 एक्सप्लोरेटरी ट्रायल पिट्स (गड्ढे) ही खुदे हुए मिले। इन दो गड्ढों पर मात्र 15 हजार रुपए का खर्च दर्शाया गया। इसके अलावा साल 2018-19 के दौरान भी यहां कोई एक्सप्लोरेशन कार्य नहीं किया गया।
तय लक्ष्य से कम काम करने और नियमों की अवहेलना पर आईबीएम ने संचालक के खिलाफ एमसीडीआर 2017 के तहत कार्रवाई की है। हालांकि, आईबीएम की फटकार और नोटिस के बाद अब खदान संचालक ने आगामी वर्षों के लिए अपनी गलती सुधारने का दावा किया है। वर्तमान निरीक्षण के आधार पर माइनिंग प्लान के रिव्यू में साल 2020-21 और 2021-22 के लिए पूरे संभावित खनिज क्षेत्र में जी-1 स्तर के एक्सप्लोरेशन का प्रस्ताव शामिल किया गया था। खदान में 1 दिसंबर 2019 से फोरमैन सर्टिफिकेट होल्डर महावीर दास बैरागी को बतौर मैनेजर नियुक्त किया गया। लेकिन मौके पर स्थिति अब भी वही बनी हुई है।
खनिज विभाग ने गारनेट का मामला सामने आने तथा तीन लीजधारकों को नोटिस जारी करने के साथ ही तीनों लीजधारको के ऑन लाइन रवन्ना बंद कर दिया है। अब लीजधारक एक टन का भी रवन्ना नहीं काट सकता है। खनिज विभाग के अनुसार यह नोटिस एकेडी (अनिल कुमार दासोत) जेम गारनेट मांइसकोदूकोटा. उम्मेदसिंह राणावत कोचरिया तथा दिनेश कुमार जैन ओडियाखेड़ा जहाजपुर को दिया गया है। इन तीनों पर उत्पादन से अधिक गारनेट का रवन्ना काटने का आरोप है।