
भीलवाड़ा. जिले के कोटडी थाना क्षेत्र के सातोला का खेड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र से गुजर रही कोठारी नदी से बारिश का पानी भरने से पूर्व बजरी माफिया द्वारा रात दिन अंधाधुंध तरीके से बजरी का अवैध दोहन कर स्टॉक किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस बात को लेकर रविवार को नदी किनारे खेत में स्टॉक के पास व देवनारायण मंदिर के पास एकत्र होकर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस व खनन विभाग की मिलीभगत से बजरी माफिया जमकर चांदी कूट रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि कोठारी नदी से फतहगढ़ व कोदूकोटा के बजरी माफिया द्वारा अपने प्रभाव के चलते बजरी निकाल कर स्टॉक कर ऊंचे दामो पर बेच रहे हैं। इससे नदी का स्वरूप बिगड़ गया है। चरागाह व बिलानाम भूमि पर स्टॉक किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पुलिस व खनन विभाग को इस बारे में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। ग्रामीणों ने बीट प्रभारी को हटाने व स्टॉक जब्त करने सहित अवैध खनन पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
जिले में बजरी की डिमांड लगातार बढ़ने से कुछ क्षेत्रों में अवैध खनन जारी है। अवैध बजरी के साथ ही परिवहन करते अवैध डम्परों, ट्रकों की संख्या भी बढ़ रही है। हाइवे पर जहां ट्रकों से बजरी का परिवहन हो रहा है, वहीं भीतरी हिस्सों में डम्पर, ट्रेक्टर ट्रॉलियों से बजरी अस्थाई डिपो में स्टॉक के लिए पहुंचाई जा रही है।
बारिश में महंगी हो जाती है बजरी
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में नदियों में पानी होने के कारण बजरी के दाम बढ़ जाते हैंं । ऐसे में बजरी माफिया बारिश से पूर्व ही स्टॉक करने के लग जाते हैं तथा बारिश के दौरान मुंहमांगे दामों पर बजरी बेचते हैं।