बनास नदी इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। बजरी माफिया बेखौफ नदी के अंदर उच्च क्षमतायुक्त मशीनें लगाकर दिनरात बजरी का अवैधदोहन कर रहे हैं।
काछोला।
कस्बे के निकट बनास नदी इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। बजरी माफिया बेखौफ नदी के अंदर उच्च क्षमतायुक्त मशीनें लगाकर दिनरात बजरी का अवैधदोहन कर रहे हैं। काछोला पुलिस द्वारा प्रभावी रूप से कार्रवाई नहीं करने से माफिया नदी से बजरी का कोटा बूंदी झालावाड़ आदि जगहों पर भेजकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
बनास बचाओ समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार इस बजरी पर रोक एवं नदी के सौंदर्यीकरण एवं नदी को बचाने के लिए कई बार ज्ञापन देकर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया। लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जिला कलक्टर एवं खान विभाग को लिखित में देने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इससे क्षेत्र के किसानों की चिंताएं बढ़ी हुई है।
जगह-जगह बजरी के अवैध स्टॉक
ग्रामीणों ने बताया कि चेनपुरा, कटारिया का खेड़ा, राजगढ़, रलायता, बिलिया, हंसा, ककरोलिया घाटी, गोलबड़ी नदी के किनारे आधा दर्जन से अधिक गांव के समीप अवैध खनन कर्ताओं ने सरकारी व बिलानाम भूमि पर अवैध स्टॉक लगा दिए है। काछोला उप तहसील कार्यालय में भी विगत 6 माह से नायब तहसीलदार का पद रिक्त है। ऐसे में सरकारी भूमि पर सरेआम बजरी माफिया इसका उपयोग कर भूमि को खुद की बता रहे हैं।