
हुरड़ा।
कस्बे के अंबेडकर छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं एवं लापरवाही के चलते बीती रात उसमें आवासरत छात्रों को ग्रामीणों ने खाने पीने की चीजे खरीदते देखा तो ग्रामीणों का शक हुआ। पूछताछ करने के बाद चौकाने वाले खुलासे होने पर ग्रामीणों व छात्रों का गुबार फूट पड़ा। जिसको लेकर क्षेत्र के स्वयंसेवी संगठनों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना उपखंड अधिकारी को दी। मौके पर पहुंची उपखंड अधिकारी को छात्रावास में काफी अनियमितताएं मिली।
जानकारी के अनुसार छात्रावास के कुछ छात्र कस्बे के बस स्टैंड पर कचोरी चाट वाले ठेले पर पहुंच कचौरी एवं बिस्किट पैक करवा कर साथ ले जाते देखे गए। जिस पर वहीं नाश्ता कर रहे कुछ लोगों को मामला संदेहास्पद लगने एवं छात्रों की दयनीय स्थिति दिखने पर उनसे पूछताछ की गई। जिस पर उन्होंने छात्रावास में गत दिन से खाना नहीं बनने की बात कही। इस पर ग्रामीणों ने कई स्वयंसेवी संगठनों एवं उपखंड अधिकारी राजलक्ष्मी गहलोत को सूचित कर मौके पर बुलवाया। जिसके बाद उनके वहां पहुंचने पर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। उपखंड अधिकारी गहलोत ने छात्रावास की भौतिक व्यवस्थाओं, रसोईघर, स्टोर रूम, रिकॉर्ड रूम, शौचालय सहित सभी चीजों की जांच की और छात्रों से बंद कमरे में प्रत्येक चीज की जानकारी ली।
जीवन ज्योति सेवा समिति संस्था ने भूख से बिलखते बच्चों के लिए तुरंत भोजन की व्यवस्था की। उपखंड अधिकारी गहलोत ने स्वयं खड़े रहकर सभी छात्रों को खाना खिलाया। काफी देर बाद सूचना पर मौके पर पहुंचे छात्रावास के कार्यवाहक अधीक्षक वार्डन राजेंद्र वर्मा उपखंड अधिकारी द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दे पाए। अंत में उपखंड अधिकारी ने उन्हें यहीं रहकर सारी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
छुट्टी के दिनों में यहां होती है शराब पार्टी
छात्रों ने उपखंड अधिकारी को बताया कि छुट्टी के दिनों में छात्रावास में शराब पार्टी होती है। पीने के पानी का एकमात्र स्त्रोत पानी का टैंक जो खुले पड़ा है। छात्रों को विभागीय निर्देशानुसार प्रदान सुविधाएं एवं मीनू के अनुसार भोजन दूध चाय दही फल इत्यादि आज तक दिए ही नहीं गए। पानी की सुविधा से मरहूम शौचालय चलन में नहीं होने के कारण छात्रों को बाहर जाने को मजबूर होना पड़ता है। विभाग के निर्देशानुसार प्रगत सुविधाएं जिनमें बाल कटवाने, चिकित्सा सुविधा, स्कूल ड्रेस, जूता-चप्पल एवं बिस्तर कि सुविधाओं से भी छात्र वंचित है।