प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर से तबादला करने के मामले में जांच के बाद दो शिक्षक दोषी पाए गए
भीलवाड़ा।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर से तबादला करने के मामले में जांच के बाद दो शिक्षक दोषी पाए गए हैं।गौरतलब है कि गत 14 मई को सोशल मीडिया पर एक फर्जी तबादला आदेश वायरल हुआ था। इसमें राउप्रावि कोटड़ी में कार्यरत शिक्षक यदुराज सिंह सहित जिले के पांच शिक्षकों का फर्जी तबादला आदेश जारी किया गया था। जांच में सामने आया कि ये फर्जी तबादला आदेश राउप्रावि होलीरड़ा (कोटड़ी) के शिक्षक सत्येंद्र सिंह और राउप्रावि गोठड़ा (कोटड़ी) के शिक्षक देवेंद्र सिंह ने मजाक-मजाक में बनाया था।
मामले के उजागर होने के बाद बीकानेर स्थित शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) को राउप्रावि कोटड़ी में कार्यरत तीन शिक्षकों को निलम्ब्ति कर विभागीय जांच शुरू करने को कहा गया। इस पर एडीईओ (प्रारंभिक) अशोककुमार पारीक और बीईईओ रायपुर प्रभुदयाल योगी को जांच करने को कहा गया था। तीनों शिक्षकों से पूछताछ के बाद टीम ने वर्तमान डीईईओ राधेश्याम शर्मा को गुरुवार को जांच रिपोर्ट सौंपी।
रिपोर्ट में दो शिक्षकों राउप्रावि होलीरड़ा (कोटड़ी) के सत्येंद्र सिंह और राउप्रावि गोठड़ा (कोटड़ी) के देवेंद्र सिंह को दोषी माना है। निलम्बित चल रहे इन दोनों शिक्षकों पर अब विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शाला दर्पण पोर्टल से कराना होगा कार्यग्रहण
भीलवाड़ा. प्रारंभिक शिक्षा विभाग में स्थानांतरित 471 तृतीय श्रेणी शिक्षकों को शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से कार्यग्रहण कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक राधेश्याम शर्मा ने गुरुवार को जिले के सभी बीईईओ व पीईईओ को आदेश दिए। डीईओ ने कहा कि बीईईओ व पीईईओ कार्मिकों को कार्यमुक्त व कार्यग्रहण में पोर्टल की बजाए ऑफलाइन ही करा सरकार के निर्देशों की पालना नहीं कर रहे है। इसे लापरवाही मानकर अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा जाएगा।