- अब दस्तावेजों के आधार पर होगी जांच, विभाग ने कहा फर्जी रिफंड के झांसे में न आएं - भीलवाड़ा के चार्टर्ड एकाउंटेंट को मिली राहत
पिछले चार दिनों में शहर में एक दर्जन से अधिक टैक्स प्रोफेशनल के यहां की गई कार्रवाई गुरुवार देर रात को पूरी हो गई। यहां से भोपाल व इंदौर की आयकर विभाग की टीम के रवाना होने के बाद टैक्स प्रोफेशनल ने बड़ी राहत की सास ली। कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग ने टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। यह जांच उन लोगों और संस्थाओं के खिलाफ थी जो गलत तरीके से आईटीआर में छूट और कटौती का दावा करते हैं। विभाग ने यह कार्रवाई अलग-अलग राज्यों से आकर की। अधिकारियों ने ऑफिस और घरों में तलाशी ली।
मध्यप्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र की राजनीतिक दलों को बोगस चंदा देने का खुलासा होने के बाद यह कार्रवाई भीलवाड़ा में की गई। अन्य राज्यों से जांच के दौरान गलत दावों के सबूत मिले थे। जांच में पता चला कि कुछ आईटीआर तैयार करने वाले और कमीशन एजेंट मिलकर यह काम कर रहे थे। वे गलत तरीके से कटौती और छूट का दावा कर रहे थे। कुछ लोग तो ज्यादा रिफंड पाने के लिए झूठे टीडीएस रिटर्न भी जमा कर रहे थे। विभाग अब ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
टैक्स में ले रहे थे छूट
आयकर विभाग को पता चला था कि कुछ लोग आईटीआर में गलत जानकारी देकर टैक्स में छूट ले रहे हैं। ये लोग फर्जी कागजात दिखाते हैं और गलत दावे करते हैं। इससे सरकार को टैक्स का नुकसान हो रहा था। विभाग ने गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। इस दौरान कई अहम दस्तावेज और सबूत मिले हैं। आयकर अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सही जानकारी देकर टैक्स भरें और किसी भी गलत तरीके से बचें।
टैक्स प्रोफेशनल के तार गुजरात से जुड़े
जांच में पता चला कि कुछ लोग संगठित रूप से इस काम को अंजाम दे रहे है। ये लोगों को गलत जानकारी देकर टैक्स बचाने में मदद करते हैं। इसके बदले में वे 5 से 10 प्रतिशत तक का कमीशन लेते हैं। भीलवाड़ा में गुजरात की गैर राजनीतिक दलों के नाम से चंदा देकर उनके नाम से रसीदें तक जारी कर रहे है। अधिकारियों का कहना है कि जो दस्तावेज भीलवाड़ा में मिले है उनकी गहनता से जांच की जाएगी।
मध्यप्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र की राजनीतिक दलों को बोगस चंदा देने का खुलासा होने के बाद यह कार्रवाई भीलवाड़ा में की गई। अन्य राज्यों से जांच के दौरान गलत दावों के सबूत मिले थे। जांच में पता चला कि कुछ आईटीआर तैयार करने वाले और कमीशन एजेंट मिलकर यह काम कर रहे थे। वे गलत तरीके से कटौती और छूट का दावा कर रहे थे। कुछ लोग तो ज्यादा रिफंड पाने के लिए झूठे टीडीएस रिटर्न भी जमा कर रहे थे। विभाग अब ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
टैक्स में ले रहे थे छूट
आयकर विभाग को पता चला था कि कुछ लोग आईटीआर में गलत जानकारी देकर टैक्स में छूट ले रहे हैं। ये लोग फर्जी कागजात दिखाते हैं और गलत दावे करते हैं। इससे सरकार को टैक्स का नुकसान हो रहा था। विभाग ने गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। इस दौरान कई अहम दस्तावेज और सबूत मिले हैं। आयकर अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सही जानकारी देकर टैक्स भरें और किसी भी गलत तरीके से बचें।
टैक्स प्रोफेशनल के तार गुजरात से जुड़े
जांच में पता चला कि कुछ लोग संगठित रूप से इस काम को अंजाम दे रहे है। ये लोगों को गलत जानकारी देकर टैक्स बचाने में मदद करते हैं। इसके बदले में वे 5 से 10 प्रतिशत तक का कमीशन लेते हैं। भीलवाड़ा में गुजरात की गैर राजनीतिक दलों के नाम से चंदा देकर उनके नाम से रसीदें तक जारी कर रहे है। अधिकारियों का कहना है कि जो दस्तावेज भीलवाड़ा में मिले है उनकी गहनता से जांच की जाएगी।