- भीलवाड़ा में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई - बनाया नकली कंपनियों का जाल, 32 करोड़ की फर्जी आईटीसी
आयकर विभाग कानपुर की टीम की कार्रवाई में गुर्जर मोहल्ला निवासी महेश त्रिवेदी के घर से बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। महेश न तो सीए है और न ही कोई रजिस्टर्ड अकाउंटेंट, लेकिन उसने पिछले कुछ सालों में 68 फर्जी कंपनियां व एक ट्रस्ट बनाकर 32 करोड़ 29 लाख रुपए का आईटीसी घोटाला कर डाला। त्रिवेदी ने बिना माल व लेन-देन के फर्जी बिलिंग की और आईटीसी निकालकर विभिन्न कंपनियों को कमीशन पर उपलब्ध कराई। वह 1 से 6 प्रतिशत तक कमीशन वसूलता था।
ऐसे शुरू हुआ फर्जीवाड़ा
महेश त्रिवेदी ने सबसे पहले वल्लभ इंडस्ट्रीज नाम से फर्म बनाई। फर्म का नकली मालिक महावीर सिंह चंदावत को दिखाया, जबकि संचालन खुद करता था। वल्लभ इंडस्ट्रीज से 92 प्रतिशत आपूर्ति राजलक्ष्मी एक्जिम को दिखाई। इस दौरान लगभग 1.52 करोड़ की आईटीसी अपनी फर्म को ट्रांसफर की। गांधीनगर स्थित स्वदेशी मार्केट व महेश बैंक के ऊपर भी कार्यालय संचालित किया।
मोबाइल और नकली खातों से चलता था पूरा खेल
त्रिवेदी फर्जी आईटीसी लेन-देन के लिए कीपैड और स्मार्ट फोन दोनों का इस्तेमाल करता था। विभिन्न बैंकों की चेकबुक, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और स्टाम्प खुद के पास रखता। किसी भी फर्म का गोदाम या भंडारण सुविधा नहीं थी। स्थानीय स्तर पर ‘आरआर खाते’ बनाकर और अनागड़िया के माध्यम से नकदी में बदली गई रकम पर कमीशन कमाता था। मुख्य बैंक खाता केनरा बैंक में संचालन करता था। त्रिवेदी ने अधिराज मल्टीट्रेड प्रालि., शिवविदित मर्चेंट प्रालि, हेयरामभ एक्जिम के जरिए कीमती रत्नों के नाम पर करोड़ों का कागजी लेनदेन दिखाया। जबकि हकीकत में किसी भी प्रकार का माल खरीदा-बेचा नहीं गया।
संचालित 32 बड़ी फर्जी कंपनियां
त्रिवेदी ने 69 फर्जी कंपनियों में से 32 कंपनियों का संचालन प्रमुख रूप से किया। इनमें अम्बे ट्रेडर्स, अमोघ मल्टी वेंचर, अरिहंत मार्केटिंग, बजरंग ट्रेडर्स, द्वारिका स्टील एंड आयरन, एग्जीक्यूटिव ट्रेडिंग, गगन ट्रेडिंग कंपनी, हीरो आईटी सॉल्यूशंस, हेयरामभ एक्जिम, नमो ट्रेडिंग, कैसर ट्रेडर्स, राजलक्ष्मी एक्जिम, रुद्र ट्रेडिंग, शगुन इंटरनेशनल, शक्ति ट्रेडर्स, शंखेश्वर इंडस्ट्रीज, शिवविदित मर्चेंट प्रा.लि., श्री वेंकटेश्वर फैब्रिक्स, सृष्टि मल्टी सर्विसेज, सनशाइन इम्पेक्स, स्वराज्य ट्रेडिंग, अमन, विटारा, विनायक, केके, शिवम, मार्क्विस, नवरंग, निधि, निलनेक, परफेक्ट, संगम एंटरप्राइजेज शामिल हैं।
फर्जीवाड़े के तरीके
जांच एजेंसियों की सक्रियता