सरकार ने उपखंड स्तर पर कॉलेज खोल दिए, लेकिन उनमें न समुचित स्टाफ लगाया व न पूरे कर्मचारी।
भीलवाड़ा।
सरकार ने उपखंड स्तर पर कॉलेज खोल दिए, लेकिन उनमें न समुचित स्टाफ लगाया व न पूरे कर्मचारी। हालत ये है कि कुछ कॉलेजों में ताले खोलने वाला तक नहीं है। कहीं एक व्याख्याताओं से काम चल रहा है। जिले में खुली नई सरकारी कॉलेजों में सबसे ज्यादा हालत खराब बिजौलियां में है। यहां सरकार ने गत उपचुनाव में एेन वक्त पर बिना भवन के ही नया कॉलेज खोला। जमीन तथा भवन निर्माण राशि भी स्वीकृत करा दी। लेकिन, व्याख्याताओं की नियुक्ति करना सरकार भूल गई। विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख भीलवाड़ा के माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय से व्याख्याताओं को भेजकर क्षेत्र में प्रचार-प्रसार कराया।
नए सत्र में कॉलेज की 160 सीटों पर 200 छात्र-छात्राओं का कला वर्ग में प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए आवेदन आए। अब पढ़ाई शुरू होने में है, लेकिन बिजौलियां कॉलेज के ताले खोलने वाला तक नहीं है। सभी पद रिक्त हैं। एेसा ही हाल मांडलगढ़ सरकारी कॉलेज का है। इसे वर्ष स्नातकोतर में क्रमोन्नत कर दिया गया। लेकिन पीजी में पढ़ाने के लिए मात्र एक व्याख्याता है। कॉलेज शिक्षा आयुक्त ने गुरूवार को मांडलगढ़ कॉलेज में प्राचार्य पद पर नियुक्ति की, लेकिन वे भी अगले कुछ समय में रिटायरमेंट होने वाले हैं। दोनों सरकारी कॉलेजों में सभी व्याख्याताओं के पद खाली है। जिले की अन्य ६ कॉलेजों में भी व्याख्याताओं के पद रिक्त पड़े है। एेसे में विद्यार्थियों का सरकारी कॉलेजों के प्रति रुझान भी कम हो रहा है।
इकॉनामिक ऑनर्स व गृह विज्ञान में नहीं रूचि
माणिक्यलाल वर्मा महाविद्यालय में जहां बीए प्रथम वर्ष में 1120 सीटों के मुकाबले 1407 छात्रों ने दस्तावेज सत्यापन कराया। वहीं बीए (ऑनर्स) इकॉनामिक प्रथम वर्ष में छात्रों ने कम रुचि दिखाते हुए 40 सीटों के मुकाबले मात्र 16 विद्यार्थियों ने ही दस्तावेज सत्यापन कराया है। इसी तरह सेमुमा गल्र्स कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में 560 सीटों के मुकाबले 711 छात्रओं ने दस्तावेज सत्यापन कराए, जबकि बीएससी गृह विज्ञान में कुल 70 सीटों के मुकाबले मात्र 31 छात्राओं ने ही दस्तावेज सत्यापन कराए। एमएलवी कॉलेज नोडल प्रभारी ज्ञानचंद भारती ने बताया कि शुक्रवार तक स्नातक प्रथम वर्ष में अब तक कुल 2580 सीटों के मुकाबले 2520 स्टूडेंट्स ने अपने दस्तावेजों का सत्यापन करवा लिया है। बीए प्रथम वर्ष में 1407 बीए (ऑनर्स) इकॉनामिक प्रथम वर्ष में 16, बीए (ऑनर्स) भूगोल प्रथम वर्ष में 36, बीकॉम प्रथम में 665, बीएससी गणित में 195 तथा बीएससी बायो में 201 छात्र-छात्राओं ने भौतिक सत्यापन कराया है।
गल्र्स कॉलेज नोडल प्रभारी डॉ. राधा सारस्वत ने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष में अब तक कुल 1240 सीटों के मुकाबले 1299 छात्राओं ने अपने दस्तावेजों का सत्यापन करवा लिया है। बीए प्रथम वर्ष में 719, बीकॉम प्रथम में 333, बीएससी गृह विज्ञान में 31, बीएससी गणित में 68 तथा बीएससी बायो में 148 मेरिट व प्रतिक्षा सूची की छात्राओं ने भौतिक सत्यापन कराया है।
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