भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया क्षेत्र में खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे खातेदारी जमीनों पर भी दिन-दहाड़े डाका डालने से नहीं चूक रहे। मामला ग्राम काटबड़ा(कास्यां) का है, जहां एक किसान अपनी बीमार पत्नी का इलाज कराने उदयपुर अस्पताल में है और पीछे से भू-माफियाओं ने उसकी खातेदारी जमीन की दीवार […]
भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया क्षेत्र में खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे खातेदारी जमीनों पर भी दिन-दहाड़े डाका डालने से नहीं चूक रहे। मामला ग्राम काटबड़ा(कास्यां) का है, जहां एक किसान अपनी बीमार पत्नी का इलाज कराने उदयपुर अस्पताल में है और पीछे से भू-माफियाओं ने उसकी खातेदारी जमीन की दीवार तोड़कर अवैध खनन शुरू कर दिया है।काटवड़ा निवासी भगवान सिंह ने खनिज अभियंता बिजौलिया को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि पुलिस चौकी कास्यां में 12 जनवरी को लिखित सूचना देने के बावजूद अब तक पुलिस ने मौके पर जाकर काम रुकवाने की जहमत नहीं उठाई।
खनिज विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम काटबड़ा स्थित आराजी नंबर 305/2 (रकबा 4 बीघा 10 बिस्वा) गोपाल सिंह के नाम पर दर्ज है। भगवान सिंह ने बताया कि आरोपी राजू धाकड़ अपने 10-15 साथियों के साथ मिलकर खेत की 15-20 साल पुरानी पत्थर की चारदीवारी को जेसीबी से तोड़ दिया। इसके बाद खेत में 1 लोडर, 2 कंप्रेसर और 2 डंपर लगाकर अवैध रूप से सैंड स्टोन निकाला जा रहा है। अब तक 15-20 डंपर पत्थर चोरी हो चुका है।
शिकायत में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने गोपाल सिंह के खेत के पास स्थित सरकारी भूमि पर भी भारी मात्रा में अवैध खनन कर सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया है। माफिया रसूख और धनबल के दम पर यह खेल खेल रहे हैं।
पीड़ित गोपाल सिंह की पत्नी गंभीर बीमार हैं और उदयपुर के अस्पताल में भर्ती हैं। गोपाल सिंह अपनी पत्नी की तीमारदारी में व्यस्त हैं, इसी मजबूरी का फायदा उठाकर माफियाओं ने उनकी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से यह अवैध खनन शुरू किया है। रिश्तेदार भगवान सिंह ने जब विरोध किया तो उन्हें और गोपाल सिंह को उल्टे अवैध खनन के फर्जी पंचनामे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
कार्रवाई करने को कहा है
अवैध खनन की सूचना मिली है। फोरमेन को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
- पीके अग्रवाल, खनिज अभियंता बिजोलिया