डीएलसी दरों में भारी बढ़ोतरी राजस्थान सरकार के वित्त विभाग ने प्रदेश में संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। अधिसूचना के तहत अब अलग-अलग श्रेणियों की भूमि के लिए नई दरें लागू होंगी। इस फैसले से प्रदेश में औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय भूमियों की रजिस्ट्री कराना महंगा हो […]
राजस्थान सरकार के वित्त विभाग ने प्रदेश में संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। अधिसूचना के तहत अब अलग-अलग श्रेणियों की भूमि के लिए नई दरें लागू होंगी। इस फैसले से प्रदेश में औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय भूमियों की रजिस्ट्री कराना महंगा हो सकता है।
नए नियमों के मुताबिक, फार्म हाउस के लिए उपयोग की जा रही कृषि भूमि की दर उस क्षेत्र की कृषि भूमि की दर से तीन गुना अधिक होगी। वहीं, मैरिज गार्डन के लिए भूमि की दर कॉमर्शियल दर के 50 प्रतिशत के बराबर तय की गई है। सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए भी दरें कृषि भूमि से दोगुनी रखी गई हैं।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ये नई दरें उन सभी दस्तावेजों पर भी लागू होंगी जो वर्तमान में उप-पंजीयक या कलक्टर (स्टाम्प) के समक्ष पंजीकरण के लिए लंबित हैं। हालांकि, जिन मामलों में स्टाम्प शुल्क पहले ही चुकाया जा चुका है, उन्हें रिफंड नहीं दिया जाएगा। साथ ही पर्यटन इकाइयों के लिए औद्योगिक दरें और रिसॉर्ट या स्पोर्ट्स रिसॉर्ट के लिए कृषि भूमि के बराबर दरें तभी मान्य होंगी, जब आवेदक के पास राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स के तहत उचित प्राधिकार पत्र होगा।