भीलवाड़ा

प्रदेश में अब जमीन की रजिस्ट्री होगी महंगी: सरकार ने तय की नई दरें

Feb 13, 2026
Land registration will now be expensive in the state: The government has fixed new rates.
Land registration will now be expensive in the state: The government has fixed new rates.

डीएलसी दरों में भारी बढ़ोतरी

राजस्थान सरकार के वित्त विभाग ने प्रदेश में संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। अधिसूचना के तहत अब अलग-अलग श्रेणियों की भूमि के लिए नई दरें लागू होंगी। इस फैसले से प्रदेश में औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय भूमियों की रजिस्ट्री कराना महंगा हो सकता है।

  • औद्योगिक क्षेत्र: रीको औद्योगिक क्षेत्रों में अब औद्योगिक भूमि की दरें रीको की ओर से निर्धारित दरों के बराबर होंगी। वहीं अन्य मामलों में औद्योगिक प्रयोजन के लिए कृषि भूमि की दर क्षेत्र की कृषि भूमि की दरों के तीन गुना के बराबर मानी जाएंगी।
  • होटल और रिसोर्ट: रिसोर्ट के लिए भूमि की दर उस क्षेत्र की वाणिज्यिक (कामर्शियल) दर के 75 प्रतिशत के बराबर होगी। जबकि होटल और रेस्टोरेंट के लिए यह दर शत-प्रतिशत वाणिज्यिक दर के बराबर ही रहेगी।
  • सड़क चौड़ाई के आधार पर प्रीमियम: अगर आपकी जमीन किसी मुख्य सड़क पर है, तो अब आपको अधिक स्टाम्प ड्यूटी देनी होगी।
  • 40 से 60 फीट चौड़ी सड़क पर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
  • 60 से 100 फीट चौड़ी सड़क पर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
  • 100 फीट से अधिक चौड़ी सड़क होने पर दरों में 20 प्रतिशत की सीधी वृद्धि की जाएगी।

फार्म हाउस और मैरिज गार्डन भी दायरे में

नए नियमों के मुताबिक, फार्म हाउस के लिए उपयोग की जा रही कृषि भूमि की दर उस क्षेत्र की कृषि भूमि की दर से तीन गुना अधिक होगी। वहीं, मैरिज गार्डन के लिए भूमि की दर कॉमर्शियल दर के 50 प्रतिशत के बराबर तय की गई है। सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए भी दरें कृषि भूमि से दोगुनी रखी गई हैं।

बड़े भूखंडों पर मिलेगी मामूली राहत

  • सरकार ने 1000 वर्ग मीटर से बड़े आवासीय या वाणिज्यिक भूखंडों के मूल्यांकन में क्षेत्रफल के आधार पर छूट का प्रावधान भी किया है।
  • 1000 से 2000 वर्ग मीटर पर 5 प्रतिशत की कमी।
  • 2000 से 3000 वर्ग मीटर पर 10 प्रतिशत की कमी।
  • 3000 वर्ग मीटर से अधिक पर 15 प्रतिशत की कमी की जाएगी।

लंबित मामलों पर क्या होगा

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ये नई दरें उन सभी दस्तावेजों पर भी लागू होंगी जो वर्तमान में उप-पंजीयक या कलक्टर (स्टाम्प) के समक्ष पंजीकरण के लिए लंबित हैं। हालांकि, जिन मामलों में स्टाम्प शुल्क पहले ही चुकाया जा चुका है, उन्हें रिफंड नहीं दिया जाएगा। साथ ही पर्यटन इकाइयों के लिए औद्योगिक दरें और रिसॉर्ट या स्पोर्ट्स रिसॉर्ट के लिए कृषि भूमि के बराबर दरें तभी मान्य होंगी, जब आवेदक के पास राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स के तहत उचित प्राधिकार पत्र होगा।

Updated on:
13 Feb 2026 08:54 am
Published on:
13 Feb 2026 08:54 am
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