सेठ मुरलीधर मानसिंहका राजकीय कन्या महाविद्यालय के लाखों की लागत से बने छात्रावास पर एक साल से ताला लटका है
भीलवाड़ा।
सेठ मुरलीधर मानसिंहका राजकीय कन्या महाविद्यालय के लाखों की लागत से बने छात्रावास पर एक साल से ताला लटका है। कॉलेज प्रशासन का तर्क है कि छात्राएं यहां प्रवेश नहीं ले रही है, इसलिए बंद है जबकि असलियत कुछ और है। दरअसल इसे चालू करने पर छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई व्याख्याता तैयार नहीं है। कॉलेज प्रशासन से राजस्थान पत्रिका ने इस बारे में बात की तो जवाब मिला, छात्राएं कॉलेज परिसर में बने समाज कल्याण विभाग का छात्रावास चलाए जाने के चलते यहां दाखिला नहीं ले रही है।
उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण का छात्रावास पांच साल से चल रहा है, जिसमें एससी वर्ग की छात्राओं को सभी सुविधाएं नि:शुल्क है। इसके चालू होने के बाद भी कॉलेज के अधीन छात्रावास में छात्राओं को प्रवेश मिल रहा था। एक साल से इसकी जिम्मेदारी कोई व्याख्याता नहीं ले रहा है, इसी कारण से यह बंद है। गर्ल्स कॉलेज हॉस्टल में बीते साल 16 छात्राओं ने आवेदन किया लेकिन प्रशासन का नया नियम दाखिले में आड़े आ गया, जिसमें कहा गया था कि 20 छात्राओं के प्रवेश पर ही हॉस्टल चालू किया जाएगा।
पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि छात्रावास के संचालन के लिए फंड नहीं आ रहा है और न छात्रावास के संचालन के लिए कोई पोस्ट स्वीकृत की। इसी कारण महाविद्यालय प्रशासन अपना स्टाफ इसमें नहीं लगा रहा है। लिहाजा जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को डेली अपडाउन करना पड़ रहा है। उधर, कार्यवाहक प्रिंसीपल आभा जैन का कहना था, मैं कार्यवाहक हूं। मुझे इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। कल नए प्रिंसीपल पदभार ग्रहण करेंगे वही आपको पूरी जानकारी दे पाएंगे।