
भीलवाड़ा।
बढ़ती उम्र में दूल्हे की तलाश आसान ही नहीं, बल्कि समाज की चुनौतियों को भी सहते हुए आगे बढऩा है। एेसा ही संदेश दिया पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के तत्वावधान में नाट्य समारोह के तहत शुक्रवार को राजेन्द्र पांचाल कोटा के निर्देशन में 'अंजली शर्मा उर्फ अंजीÓ नाटक के मंचन ने। नगर परिषद महाराणा प्रताप सभागार में मंचित नाटक को सभी की दाद मिली
विजय तेन्दुलकर की ओर से मराठी में लिखे नाटक के प्रमुख पात्र अंजली शर्मा को अपनी बढ़ती उम्र व कुआंरापन सताता है। उसे लगता है कि खुद ही दूल्हे की तलाश कर लेनी चाहिए। नाटक के अंतिम चरण में वह निर्णय करती है कि उसे तलाश बंद कर देनी चाहिए। दूल्हे की खोज में उसे भांति-भांति के पुरुष मिलते हैं। समाज की परम्पराएं, मान्यताएं उसे मजबूर करती है कि वह यह निर्णय करें। अंत में अंजी अपने ढंग से जीने का निश्चय करती है।
मुख्य भूमिका में एनएसडी से प्रशिक्षित सारिका पारीका अभिनय प्रभावशाली रहा। नारी की अस्मिता, सम्मान और स्वतंत्रता पर व्यंग्य करते इस नाटक के मुख्य पात्रों की भूमिका भगवत, कुलदीपसिंह पंवार, सूत्रधार हीतेश कुमार, शिव गोतम, प्रभुदयाल, राजेश, विजय पाटीदार, अजय गुर्जर, सुदर्शन दाधीच ने निभाई। संगीत निर्देशन मनोज गोड़, मुनीस अनवर और डोनाल्ड का था।
अब भरना होगा जीएसटीआर ९-सी
कपड़ा व अन्य व्यापारियों पर सालाना जीएसटी रिटर्न की एक और जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब तक हर माह ३-बी और जीएसटीआर-१ भर रहे हैं। आगे से ऊपर से व्यापारियों पर जीएसटीआर-९-सी की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। इस रिटर्न में एक्सेल में टेबल बनानी होगी। उसके बाद खरीद बिक्री की जानकारी, टैक्सेबल वेल्यू, कितना टैक्स चेक से भरा या नकद भरा, डेबिट-क्रेडिट नोट कितने इश्यू किए आदि की जानकारी देनी है। इसके अलावा २ करोड़ से अधिक का टर्नओवर होने पर ऑडिटर से हस्ताक्षर करवा जानकारी सबमिट करनी है। जीएसटीआर-९-सी का नोटिफिकेशन १३ सितम्बर को जारी किया गया था। जुलाई २०१७ से मार्च २०१८ तक का जीएसटीआर-९-सी रिटर्न ३१ दिसम्बर तक भरना है। कोई एंट्री पेडिंग भी इसी रिटर्न में बतानी होगी।
जीएसटीआर-९ भी भरना होगा
व्यापारियों को जीएसटीआर-९ और जीएसटीआर-९ सी-२ मैन्युएल रिटर्न भरना होगा। ऑडिटेड खाते के लिए जीएसटीआर-९ और अनऑडिटेड खाते के लिए जीएसटीआर-९-सी भरना होगा। टैक्स कंसल्टेंट राजीव ने बताया कि दोनों रिटर्न गैर जरूरी है। पॉर्टल पर व्यापारियों की जानकारी पहले से सबमिट है। इस सम्बन्ध में लद्यु उद्योग भारती, भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन तथा मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री ने केन्द्रीय वित्त मंत्री, जीएसटी काउंसिल को पत्र लिखा है।